*-अर्जुन झा-*
*जगदलपुर।* बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य ने छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा मंगलवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किए जाने के बाद तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि बजट में रोजगार, शिक्षा, कृषक, महिला सुरक्षा के लिए कोई प्रावधान न होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। किसानों की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरने वाला बजट है। प्रदेश सरकार खुद को किसानों का हितैषी बताती है, लेकिन समर्थन मूल्य पर धान खरीदने में सरकार की ओर से आनाकानी की जाती है और नए-नए नियम व शर्तें लागू कर किसानों को अपनी उपज बेचने से वंचित किया जाता है।
कांग्रेस नेता सुशील मौर्य ने कहा है कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार किसान हैं, लेकिन प्रस्तुत बजट में किसानों के लिए कोई ठोस और भरोसेमंद प्रावधान नजर नहीं आना बड़ी चिंतनीय बात है। छत्तीसगढ़ को विकसित करने का नहीं,भाजपा ने अपने मुनाफाखोरी के लिए बजट पेश किया है। इस बजट में मुनाफा और संसाधनों की लूट का संकल्प है। आयरन स्टील और कृषि आधारित इकाइयों के संरक्षण के लिए कुछ नहीं है। अनियमित और संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण का वादा भी पूरा नहीं हुआ। रसोइया संघ और महिलाओं के लिए भी बजट में कोई विशेष प्रावधान नहीं है। यह बजट महिलाओं के लिए निराशाजनक है। महिला सुरक्षा और रोजगार के लिए कोई विशेष पैकेज नहीं है। रानी दुर्गावती योजना भी अस्पष्ट है। 500 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर के वादे के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया। श्री मौर्य ने कहा कि साय सरकार का तीसरा बजट भी जनता को निराश करने वाला साबित हुआ है वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बजट के नाम पर जनता को टोपी पहनाने का काम किया है। शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा वित्त मंत्री ओपी चौधरी का बजट वाले भाषण में बस्तर के विकास के लिए सिर्फ सब्जबाग दिखाए गए। क्योंकि इस बजट में पेश वादों को पूरा करने वाले प्रावधान निराश करने वाले रहे हैं। पिछले बजट में घोषित 20 हजार शिक्षकों की भर्ती में से कितनी भर्ती हुई ओपी चौधरी पहले ये बताएं? भाजपा के चुनावी वादे, पांच साल में एक लाख युवाओं को नौकरी देने, बजट में नए स्कूल, महाविद्यालय, कौशल उन्नयन, सिंचाई बांध या महिला स्व-सहायता समूह के रोजगार के लिए कुछ नहीं है। उद्योगों के विकास के लिए भी कोई प्रावधान नहीं दिखा। युवाओं को बेरोजगारी भत्ता और छात्राओं को मुफ्त यातायात के वादों पर भी वित्त मंत्री ने कुछ नहीं किया है। घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए मात्र 80 करोड़ रुपये का प्रावधान 200 यूनिट मुफ्त बिजली योजना बंद करने का संकेत है। डीएड अभ्यर्थियों की भर्ती, आंगनबाड़ी बहनों और रसोइया संघ के लिए भी बजट में कुछ नहीं है।अनियमित कर्मचारियों को नियमित करने और 56 हजार शिक्षकों के खाली पदों को भरने के लिए भी कोई प्रावधान नहीं किया गया है। भर्ती परीक्षा की एजेंसी को मजबूत करने वाली भाजपा सरकार बताए कि एक वर्ष में कितनी नौकरियां दी जाएंगी पर इस पर कोई स्पष्टता नहीं है।वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बजट के भाषण में कहा जगदलपुर में एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल योजना पर अभी तक काम ही चल रहा है। जबकि सुपर स्पेशलिस्ट कॉन्टिनेंटल अस्पताल में लूट का कारोबार चल रहा है किसी भी जनप्रतिनिधि ने आवाज तक नहीं उठाई और आज बजट में इन क्षेत्रों के समुदायों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की बात की जा रही है। कुल मिलाकर वित्त मंत्री ओपी चौधरी के द्वारा पेश बजट तर्कहीन व छत्तीसगढ़ की दुर्गति करने वाला बजट है।
