*-अर्जुन झा-*
*जगदलपुर।* नगर पालिक निगम जगदलपुर में नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने कहा है कि लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत पिछले वर्ष के बजट का मात्र 28 प्रतिशत रकम खर्च की जाना भारतीय जनता पार्टी की सरकार की नाकामी को दर्शाता है। एक तरफ ठेकेदार लगातार भुगतान के लिए यहां वहां भटक रहे हैं दूसरी तरफ पीडब्ल्यूडी के ईएनसी व्हीके भतपहरी द्वारा बस्तर जोन के अधिकारियों को भ्रष्ट बताते हुए भुगतान को सेंट्रलाइज करके दो लाख तक के भुगतान के लिए भी ईएनसी कार्यालय के चक्कर काटने मजबूर किया जा रहा है। जबकि सरकार की मंशा थी की 300 किलोमीटर की यात्रा करना न पड़े, इसलिए बस्तर में मुख्य अभियंता कार्यालय खोला गया है, परंतु ईएनसी भतपहरी की कार्यशैली की वजह से यहां के कार्यपालन अभियंता, अधीक्षण अभियंता एवं मुख्य अभियंता अपने कार्यालय के चौकीदार बनकर रह गए हैं। क्योंकि 2 लाख का भी भुगतान यदि प्रमुख अभियंता कार्यालय से हो तो ऐसे पदों की आवश्यकता ही क्या है? भारतीय जनता पार्टी की सरकार के वित्त मंत्री ओपी चौधरी मंत्रियों को पत्र लिखकर बजट में खर्च को बढ़ाने की बात करते हैं। दूसरी तरफ अधिकारियों की कार्यशैली बजट का मात्र 28 प्रतिशत ही खर्च कर पाते हैं जिससे स्पष्ट हो जाता है कि विभागीय मंत्री का दबाव अधिकारियों में मात्र 28 प्रतिशत बच गया है ईएनसी द्वारा लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत प्रतिवर्ष मरम्मत, संधारण रंगाई, पोताई के लिए किसी प्रकार का कोई मद स्वीकृत नहीं किया गया है जिससे शासकीय भवनों में होने वाली मरम्मत, रंगाई, पुताई इत्यादि कार्य नहीं हो पाए हैं। इस तरह से प्रमुख अभियंता व्हीके भतपहरी द्वारा बस्तर के साथ छल एवं भेदभाव पूर्ण व्यवहार किया जा रहा है और विभागीय मंत्री लगातार बस्तर आकर विकास की बात करते हैं। इससे भाजपाइयों की कथनी और करनी का फर्क स्पष्ट झलक रहा है।
