*-अर्जुन झा-*
*सुकमा।* केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक माओवाद के समूल नाश की घोषणा की है, लेकिन उससे पहले ही सुरक्षा बल न सिर्फ माओवाद को खत्म करते जा रहे हैं, बल्कि मारे गए नक्सलियों की याद में जगह-जगह बनाए गए स्मारकों को भी ध्वस्त कर रहे हैं। सुकमा जिले के मोरपल्ली इलाके में 7 जगहों पर माओवादी स्मारक को सीआरपीएफ के जवानों ने ध्वस्त कर दिया। साथ ही माओवादियों के खिलाफ लगातार सर्च आपरेशन भी चलाए जा रहे है। जिले का मोरपल्ली इलाके पर पिछले चार दशकों से माओवादियों का कब्जा रहा है। उस इलाके में माओवादी संगठन की प्रमुख बटालियन नंबर 1 काम करती थी। ऐसे आधार वाले इलाकों में माओवादियों ने अपने मारे गए नेताओं की याद में जगह-जगह स्माकर बना रखे थे। जानकारी के मुताबिक मोरपल्ली गांव के जोनापारा में 5 और दोरलापारा में 02 स्मारकों को ध्वस्त किया गया। सीआरपीएफ कमांडेंट हिमांशु पांडे के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई।सहायक कमांडेंट दयावीर सिंह और थाना प्रभारी विमल बट्टी के नेत्तृव में टीम सर्चिग के लिए रवाना हुई थी। इस इलाके में ताड़मेटला हमले में मारे गए माओवादियों के स्मारक बनाए गए थे।
जवानों ने जेसीबी से स्मारक को ग्रामीणों के सामने ध्वस्त कर दिया। जिसे ग्रामीण भी देख रहे थे। लाल आतंक के सभी स्मारकों को जवान लगातार ध्वस्त कर रहे हैं। क्षेत्र में शांति एंव सुरक्षा बनाए रखने के लिए लगातार सर्चिग अभियान चला रहे है।
