कोण्डागांव, 23 फरवरी (दुर्ग भिलाई अपडेट)। मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने बाजारपारा निवासी उषा बाई रजक के मकान में दबिश दी। तलाशी के दौरान 8 प्लास्टिक की थैलियों में रखा मांस बरामद किया गया। पूछताछ में मकान में मौजूद संगीता निर्मलकर और उषा बाई ने स्वीकार किया कि वह मांस वन्यप्राणी सांभर का है, जिसे खाने और बेचने के उद्देश्य से ग्राम उरपुटी, जिला धमतरी निवासी नरसु पिता पिलारू से खरीदा गया था।
दोनों आरोपियों के खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन के न्यायिक रिमांड पर जगदलपुर जेल भेज दिया गया।
धमतरी में दबिश, शिकार में शामिल पांच और आरोपी गिरफ्तार
दोनों महिलाओं से मिली जानकारी के आधार पर वनमण्डलाधिकारी चूड़ामणि सिंह के निर्देश में एक विशेष दल गठित कर धमतरी भेजा गया। ग्राम उरपुटी पहुंचकर नरसु के घर दबिश दी गई, जहां उसने स्वीकार किया कि उसने अपने चार साथियों — मुकेश, दुलेश्वर, तुलसी और मैतु — के साथ मिलकर सांभर का शिकार किया था।
आरोपियों ने 20 फरवरी 2026 की शाम संगीता निर्मलकर को मांस बेचने की बात भी स्वीकार की। वन्यप्राणी के अवशेष, जो खाने योग्य नहीं थे, उन्हें धमतरी वनमंडल के आरक्षित वन कक्ष क्रमांक आर.एफ. 178 में जला दिया गया था।
वन विभाग ने सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर 23 फरवरी 2026 को न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पूरी कार्रवाई में कोण्डागांव पुलिस विभाग का सराहनीय सहयोग रहा, जिसके लिए वनमंडलाधिकारी ने विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया।
