बिलासपुर, 23 फरवरी (दुर्ग भिलाई अपडेट)।
खडग़वां-मनेंद्रगढ़ क्षेत्र से रेस्क्यू कर इलाज के लिए लाए गए एक भालू की मौत को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। प्रारंभ में जिसे बीमार समझा जा रहा था, वह दरअसल तीर से घायल था और उसी वजह से उसकी जान गई।
जानकारी के अनुसार, भालू पिछले कुछ दिनों से गांव के आसपास घूम रहा था और बेहद कमजोर व सुस्त नजर आ रहा था। ग्रामीणों ने इसे बीमारी समझते हुए वन विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंची वन एवं पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे काबू में लिया और प्राथमिक उपचार किया। उसे ग्लूकोज चढ़ाया गया, जिससे कुछ समय के लिए उसकी हालत में सुधार भी देखा गया।
हालांकि बाद में उसकी स्थिति अचानक बिगड़ने लगी। गंभीर हालत को देखते हुए उसे बिलासपुर स्थित कानन पेंडारी जू लाया गया, जहां देर रात डॉ. पी.के. चंदन ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
अगले दिन हुए पोस्टमार्टम में असली वजह सामने आई। जांच में पता चला कि भालू की पीठ पर गहरा घाव था और एक तीर उसकी पीठ से होते हुए लीवर तक पहुंच गया था, जिससे अत्यधिक आंतरिक रक्तस्राव हुआ और उसकी मौत हो गई।
वन विभाग के अनुसार, जंगलों में लगातार कटाई और प्राकृतिक संसाधनों की कमी के कारण जंगली जानवर गांवों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है और शिकार में शामिल लोगों की तलाश की जा रही है।
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