रायपुर, 23 फरवरी (दुर्ग भिलाई अपडेट)।
छत्तीसगढ़ राज्य का वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा 24 मार्च को विधानसभा में पेश किया जाएगा। यह बजट लगभग डेढ़ लाख करोड़ रुपये का अनुमानित बताया जा रहा है, जो छोटे राज्यों में सबसे बड़े बजटों में शामिल होगा।
युवाओं, महिलाओं और किसानों पर रहेगा फोकस
सरकार ने संकेत दिए हैं कि बजट में महिलाओं, युवाओं, किसानों और समाज के कमजोर वर्गों के लिए विशेष घोषणाएं की जाएंगी।
समर्थन मूल्य पर धान खरीदी
किसानों को अंतर राशि का भुगतान
महिला सशक्तिकरण योजनाओं का विस्तार
युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास योजनाएं
शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना को प्राथमिकता
इस बार बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचा विकास को प्राथमिकता दिए जाने की तैयारी है।
अनुसूचित जाति एवं जनजाति शिक्षा के लिए विशेष प्रावधान
स्वास्थ्य विभाग में केंद्र प्रायोजित योजनाओं का विस्तार
ग्रामीण एवं शहरी अधोसंरचना को मजबूती
खर्च का बड़ा हिस्सा इन मदों पर
किसानों के समर्थन मूल्य और अंतर राशि पर लगभग 50 हजार करोड़ रुपये व्यय।
स्थापना व्यय पर प्रतिमाह लगभग 2500 करोड़ रुपये खर्च।
‘महतारी वंदन योजना’ पर करीब 800 करोड़ रुपये प्रतिमाह का व्यय।
इन मदों के कारण सरकार पर वित्तीय संतुलन बनाए रखने की चुनौती बनी रहती है।
केंद्र से मिलती है बड़ी सहायता
राज्य के कुल बजट का लगभग 65% हिस्सा केंद्र सरकार से प्राप्त होता है, जबकि 35% राज्य कर से आता है।
पंचायत, स्वास्थ्य, शिक्षा और नगरीय निकाय विभागों को केंद्र से विभिन्न योजनाओं के तहत अनुदान मिल रहा है, जिनमें मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, मध्याह्न भोजन योजना और शहरी विकास योजनाएं प्रमुख हैं।
आदिम जाति व जनजाति विभाग को विशेष प्रावधान
वित्तीय वर्ष 26-27 में आदिम जाति एवं जनजाति विभाग के लिए 5 हजार करोड़ रुपये से अधिक का बजट मिलने का अनुमान है। छात्रवृत्ति, ट्राइबल सपोर्ट प्लान और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के लिए बड़ी राशि आबंटित की जाएगी।
बजट खर्च में चुनौती
हर वर्ष आबंटित राशि का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा खर्च नहीं हो पाता, जिससे विकास योजनाएं समय पर पूरी नहीं हो पातीं। लोक निर्माण, पंचायत और नगरीय निकाय विभागों में परियोजनाओं की धीमी गति इसकी मुख्य वजह मानी जा रही है।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी के सामने इस बार वित्तीय संतुलन बनाए रखते हुए विकास, कल्याण और अधोसंरचना को मजबूत करने की बड़ी चुनौती है। 24 मार्च को पेश होने वाला यह बजट प्रदेश की आर्थिक दिशा तय करेगा।
