*-अर्जुन झा-*
*जगदलपुर।* शिक्षकों के संलग्नीकरण पर शासन द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के बाद भी बस्तर जिला शिक्षा कार्यालय द्वारा पिछले दो माह में 30 से अधिक शिक्षकों का संलग्नीकरण कर दिया गया है। मजे की बात तो यह है कि नियम विरुद्ध किए गए इस संलग्नीकरण की भनक जिला प्रशासन तक को नहीं लगने दी गई।
पुराने कलेक्टर हरिस एस के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति का आदेश जारी होने और नए कलेक्टर आकाश छिकारा के ज्वाइन करने के कुछ दिन पहले तक संलग्नीकरण के आदेश जारी किए जाते रहे।संलग्नीकरण की पूरी प्रक्रिया गोपनीय तरीके से चल रही थी। इसका राजफाश हाल ही में तब हुआ जब युक्तियुक्तकरण से प्रभावित शिक्षकों के बीच से सात-आठ शिक्षकों और छत्तीसगढ़ संयुक्त शिक्षक संघ और छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने संलग्नीकरण को लेकर उच्चाधिकारियों से शिकायत की। संभागायुक्त और संयुक्त संचालक शिक्षा को भी शिकायत भेजी गई है।शिकावत में विस्तार से संलग्नीकरण के कई प्रकरणों को सामने लाया गया है। सभी मामलों में संलग्नीकरण का आधार शैक्षणिक व्यवस्था न होकर स्वास्थ्यगत, पारिवारिक और मानवीय कारण बताए गए हैं। शिकायतकर्ताओं ने जो सूची भेजी है उसके अनुसार दरभा विकासखंड की प्राथमिक शाला बुड़ाआमापारा की प्रधान अध्यापिका बीना देवांगन को प्राथमिक शाला धुरगुड़ा जगदलपुर, आरती सिंह प्रधान अध्यापक मुंडापारा दरभा विकासखंड को प्राथमिक शाला तामाकोनी जगदलपुर, नम्रता ध्रुव प्रधान अध्यापक प्राथमिक शाला छोटे जीराखाल विकासखंड बकावंड से इसी विकासखंड की प्राथमिक शाला मालगांव में संलग्न किया गया है। ऐसे कई और नाम सूची में शामिल हैं। कुछ मामलों में संलग्नीकरण के साथ वेतन आहरण भी संलग्न किए गए स्कूल से निकालने को कहा गया है।
*बीजापुर में निरस्त करना पड़ा अटैचमेंट*
युक्तियुक्तकरण के तीन माह बाद अगस्त-सितबर 2025 में बीजापुर जिले में कलेक्टर की अनुशंसा लेकर वहां के जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा दो दर्जन से अधिक शिक्षकों का संलग्नीकरण कर दिया गया था। शासन तक शिकायत पहुंचने के तीन दिनों के भीतर शासन के निर्देश पर कलेक्टर द्वारा सभी संलग्नीकरण के आदेश तुरंत निरस्त कर दिए गए थे। बताया गया है कि बस्तर जिले के लोहंडीगुड़ा विकासखंड की उच्च प्राथमिक शाला गंवर छापर मिचनार-2 की शिक्षिका एलबी बनिता मंडल को वहां से हटाकर जगदलपुर विकासखंड की उच्च प्राथमिक शाला चिलकुटी में संलग्न किया गया है। पंचायत द्वारा शिक्षिका को हटाने का विरोध करते हुए 28 जनवरी को जिला शिक्षा कार्यालय का घेराव करने की चेतावनी दी गई थी। घेराव के दिन इसी विकासखंड की उच्च प्राथमिक शाला सोरगुड़ा की शिक्षक एलबी जेनिका नाग को गंवर छापर स्कूल में संलग्न कर दिया गया जिससे मामला शांत हो गया।
*जिपं सदस्य बैज भी हैरान*
इधर इस गंभीर मामले पर सियासी घमासान भी शुरू हो गया है। जिला पंचायत सदस्य और कांग्रेस नेता योगेश बैज ने शिक्षा विभाग के इस फैसले पर हैरानी जताई है। उन्होंने कहा कि ऐसा भेदभाव बर्दाश्त नहीं होगा। श्री बैज ने कहा है कि मानवीय दृष्टिकोण सभी के प्रति समान होना चाहिए, किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए। युवा नेता योगेश बैज ने कहा है कि इस गंभीर मामले पर उच्च अधिकारी तत्काल संज्ञान लें और कड़ी कार्रवाई करें। जिला पंचायत सदस्य योगेश ने कहा है कि अगर संलग्नीकरण निरस्त नहीं किए गए और शिक्षक विहीन तथा एकल शिक्षकीय स्कूलों में पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
*मेरी भी बात नहीं सुनी*
मैने ऐसे तीन-चार शिक्षकों के नाम भेजे थे, जो वास्तव में परेशान हैं। स्वास्थ्यगत कारणों की बात थी, लेकिन उनमें किसी का संलग्नीकरण नहीं किया गया। शिक्षकों ने मुझसे भी संलग्नीकरण को लेकर शिकायत की है।
*-विनायक गोयल,* विधायक चित्रकोट
*अपनाया मानवीय दृष्टिकोण*
संलग्नीकरण के लिए कुछ आवेदन मिले थे। कुछ आवेदनों पर मानवीय दृष्टिकोण के आधार पर निर्णय लेकर संलग्नीकरण किया गया है।
*-बीआर बघेल,* डीईओ, बस्तर
*जहां कमी, वहां हो तैनाती*
जिन स्कूलों में शिक्षकों की कमी है, वहां अतिशेष शिक्षकों की पदस्थापना की जानी चाहिए। संघ को संलग्नीकरण को लेकर शिकायत मिली है।
*-प्रवीर श्रीवास्तव,* उपाध्यक्ष छग टीचर्स एसोसिएशन
*न हो भेदभाव*
मैं विधानसभा में यह मामला उदाऊंगा। न्याय करना है तो भेदभाव क्यों, सबको एक नजरिए से देखकर निर्णय लिए जाएं। न्याय में भेदभाव किए जाने को ठीक नहीं कहा जा सकता है।
*-लखेश्वर बघेल,* विधायक, बस्तर
*सभी जिलों से मंगाई रिपोर्ट*
शिक्षकों के संलग्नीकरण की शिकायत मिली थी। संभाग के सभी जिलों से इस संबंध में जानकारी मंगाई गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई करेंगे।
*-एचआर सोम,* संयुक्त संचालक शिक्षा बस्तर संभाग
*कार्रवाई करे शासन*
बस्तर सहित प्रदेश के जिन जिलों में भी संलग्नीकरण किए जा रहे हैं उन जिलों के संबंधित अधिकारियों पर शासन को उचित कार्रवाई करनी चाहिए। प्रतिबंध के बाद ऐसा किया जाना सवाल खड़े करता है।
*-केदार जैन,* प्रांताध्यक्ष, संयुक्त शिक्षक संघ छग
