बलौदाबाजार, 14 फरवरी (दुर्ग भिलाई अपडेट)। थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने रिटर्न के नाम पर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपियों ने “वीआईपी ट्रेड कंपनी” नाम से फर्जी निवेश कंपनी बनाकर 10–12 प्रतिशत प्रतिमाह गारंटीड रिटर्न का झूठा प्रलोभन दिया और लोगों से कुल 8,06,640 रुपये जमा कराए।
जुलाई से अक्टूबर 2025 के बीच कराया निवेश
प्रार्थी रामचंद्र वस्त्रकर, निवासी श्याम कॉलोनी बलौदाबाजार, ने शिकायत दर्ज कराई कि 23 जुलाई 2025 से 19 अक्टूबर 2025 के बीच आरोपियों ने अधिक मुनाफे का लालच देकर उनसे उक्त राशि निवेश करवाई। आरोपियों ने यह भी दावा किया कि जमा रकम पर प्रतिदिन 12 प्रतिशत की दर से ग्रोथ हो रही है और बाद में पूरी राशि निकाली जा सकेगी।
जब प्रार्थी ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने भुगतान करने से इनकार कर दिया और अपने मोबाइल फोन बंद कर फरार हो गए।
बीएनएस की धाराओं में अपराध दर्ज, साइबर सेल ने की तकनीकी जांच
मामले में थाना सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 307/2025 के तहत धारा 318(4), 316(2), 3(5) बीएनएस में प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना गुप्ता के निर्देश पर थाना प्रभारी एवं साइबर सेल की टीम ने तकनीकी विश्लेषण के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया।
जांच में सामने आया कि ठगी का पूरा नेटवर्क राजस्थान से संचालित किया जा रहा था। एक आरोपी अजमेर के एक अन्य धोखाधड़ी मामले में केंद्रीय कारागार अजमेर में भी निरुद्ध पाया गया।
राजस्थान से चारों आरोपी हिरासत में
न्यायालयीन प्रक्रिया के तहत पुलिस टीम ने राजस्थान जाकर चारों आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने “वीआईपी कंपनी” के नाम पर अधिक रिटर्न का झांसा देकर ठगी करना स्वीकार किया।
13 फरवरी 2026 को सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया की जा रही है।
ये हैं गिरफ्तार आरोपी
अब्दुल समद (60 वर्ष), निवासी किशनगढ़, राजस्थान
लोकेश चौधरी (26 वर्ष), निवासी किशनगढ़, राजस्थान
कैलाश चौधरी (26 वर्ष), निवासी जिला जयपुर ग्रामीण, राजस्थान
धीरज गट्टानी (25 वर्ष), निवासी कुचामन सिटी, राजस्थान
पुलिस की अपील
पुलिस ने अपील की है कि यदि किसी अन्य व्यक्ति के साथ भी वीआईपी ट्रेड कंपनी द्वारा धोखाधड़ी की गई हो, तो वह तत्काल थाना सिटी कोतवाली या साइबर सेल में संपर्क कर शिकायत दर्ज कराएं।
मामले की विस्तृत जांच जारी है।
