कोरबा | 13 फरवरी, 2026 (दुर्ग भिलाई अपडेट):कोरबा जिले के कटघोरा थाना क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ न्यायालय ने दो मासूम बच्चियों के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को कठोर सजा सुनाई है। महज 6 और 8 वर्ष की दो नाबालिग लड़कियों के साथ हुई इस हैवानियत के मामले में विशेष न्यायालय ने आरोपी को “प्राकृतिक जीवनकाल” तक जेल में रहने का आदेश दिया है।
जानकारी के मुताबिक, कटघोरा थाना क्षेत्र के ढेलवाडीह का निवासी आरोपी व्यासनारायण सोनवानी ने अपने ही क्षेत्र की दो मासूम बच्चियों को बहला-फुसलाकर अपनी हवस का शिकार बनाया था।
घटना का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता की मां की भांजी ने फोन कर जानकारी दी कि आरोपी बच्चियों के साथ ‘बैड टच’ और गलत हरकत कर रहा है। जब मां ने अपनी बेटी से पूछताछ की, तो मासूम ने आरोपी की सारी करतूत बयां कर दी। इस मामले में एक गवाह ने आरोपी की घिनौनी करतूत का वीडियो भी अपने मोबाइल में कैद कर लिया था, जो ट्रायल के दौरान अहम सबूत साबित हुआ।
पुलिस की कार्रवाई और कानूनी धाराएं
पीड़ित पक्ष की शिकायत पर कटघोरा पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ निम्नलिखित धाराओं में मामला दर्ज किया था:
IPC की धारा 376 (2) (N): (बार-बार दुष्कर्म करना)
पॉक्सो एक्ट की धारा 06: (गंभीर लैंगिक हमला)
विवेचना अधिकारी तेज कुमार यादव ने मामले की जांच कर न्यायालय में पर्याप्त साक्ष्य और गवाह पेश किए, जिससे आरोपी का दोष सिद्ध हुआ।
न्यायालय का कड़ा रुख: ‘मरते दम तक जेल’
मामले की सुनवाई एफ.टी.एस.सी. (पॉक्सो) की विशेष न्यायाधीश श्रीमती श्रद्धा शुक्ला शर्मा के न्यायालय में हुई। सबूतों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी व्यासनारायण सोनवानी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई:
सश्रम आजीवन कारावास: जो उसके शेष प्राकृतिक जीवनकाल (आखिरी सांस तक) के लिए होगा।
अर्थदंड: आरोपी पर 2000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
शासन की ओर से इस मामले में विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) कटघोरा, शोधन राम देवांगन ने मजबूती से पैरवी की।
“मासूमों के खिलाफ बढ़ते अपराधों के बीच इस तरह के त्वरित और कठोर फैसले समाज में एक कड़ा संदेश देते हैं।”
