बिलासपुर | दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के बिलासपुर जोन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। नागपुर मंडल के अंतर्गत चल रहे अधोसंरचना विकास (Infrastructure Development) कार्यों के कारण रेलवे प्रशासन ने छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 9 मेमू (MEMU) पैसेंजर ट्रेनों को अस्थायी रूप से रद्द करने का निर्णय लिया है।
क्यों लिया गया फैसला?
रेलवे प्रशासन के मुताबिक, नागपुर मंडल के बोरतलाव-दरेकसा सेक्शन में स्थित समपार फाटक क्रमांक 481 पर बॉक्स पुशिंग तकनीक से काम किया जाना है। इस दौरान आरएच-गर्डर की लॉन्चिंग और डी-लॉन्चिंग का कार्य होगा। सुरक्षा और कार्य की सुगमता के लिए रेलवे ने ट्रैफिक ब्लॉक लिया है, जिसके चलते ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा।
इन तारीखों पर पड़ेगा असर
रेलवे द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार, यह कार्य दो चरणों में पूरा किया जाएगा:
प्रथम चरण: 13 और 14 फरवरी 2026 (अप और डाउन लाइन पर कार्य)।
द्वितीय चरण: 13 और 14 मार्च 2026 (डी-लॉन्चिंग और तीसरी लाइन का कार्य)।
रद्द होने वाली ट्रेनों की सूची
ब्लॉक के कारण निम्नलिखित गाड़ियां अपने निर्धारित दिनों में रद्द रहेंगी:
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क्र. |
ट्रेन नंबर |
ट्रेन का नाम |
रद्द रहने की तिथि |
|---|---|---|---|
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1 |
68721 |
रायपुर – डोंगरगढ़ मेमू |
13, 14 फरवरी और 13, 14 मार्च |
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2 |
68723 |
डोंगरगढ़ – गोंदिया मेमू |
13, 14 फरवरी और 13, 14 मार्च |
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3 |
68724 |
गोंदिया – रायपुर मेमू |
14, 15 फरवरी और 14, 15 मार्च |
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4 |
68741 |
दुर्ग – गोंदिया मेमू |
13, 14 फरवरी और 13, 14 मार्च |
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5 |
68744 |
इतवारी – गोंदिया मेमू |
13, 14 फरवरी और 13, 14 मार्च |
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6 |
68711 |
डोंगरगढ़ – गोंदिया मेमू |
13, 14 फरवरी और 13, 14 मार्च |
|
7 |
68716 |
इतवारी – गोंदिया मेमू |
13, 14 फरवरी और 13, 14 मार्च |
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8 |
68715 |
बालाघाट – इतवारी मेमू |
13, 14 फरवरी और 13, 14 मार्च |
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9 |
68714 |
इतवारी – बालाघाट मेमू |
13, 14 फरवरी और 13, 14 मार्च |
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को होने वाली असुविधा के लिए खेद प्रकट किया है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि:
घर से निकलने से पहले NTES (National Train Enquiry System) ऐप या अधिकृत रेलवे वेबसाइट पर अपनी ट्रेन की लाइव स्थिति जरूर जांच लें।
रद्द ट्रेनों को ध्यान में रखते हुए यात्रा के लिए वैकल्पिक साधनों (बस या निजी वाहन) की व्यवस्था पहले से कर लें।
नोट: रेलवे के अनुसार, यह विकास कार्य भविष्य में ट्रेनों की गति और सुरक्षा को बढ़ाने के लिए अनिवार्य है।
