बिलासपुर, 12 फरवरी 2026 (दुर्ग भिलाई अपडेट)।
जंगलों में शिकारियों की सक्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। हालात यह हैं कि अब शिकारी खुलेआम तार के फंदे और पिंजरे लगाकर वन्य प्राणियों को निशाना बना रहे हैं। पाली रेंज अंतर्गत लाफा के जंगल में ऐसा ही एक मामला सामने आया, जहां जंगली सूअर को पकड़ने के लिए लगाए गए फंदे में एक तेंदुआ फंस गया।
फंदे में तेंदुआ फंसने से मचा हड़कंप
तेंदुए के फंसने की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों में दहशत फैल गई। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कानन पेंडारी की रेस्क्यू टीम को बुलाया गया। कटघोरा डीएफओ कुमार निशांत और वन्य प्राणी चिकित्सक डॉ. पीके चंदन सहित अमला रात लगभग 10 बजे घटनास्थल पर पहुंचा।
तेंदुआ फंदे में बुरी तरह छटपटा रहा था। स्थिति को देखते हुए ट्रैंक्यूलाइजर गन से बेहोश करने की अनुमति पीसीसीएफ (वन्य प्राणी) से ली गई। सोमवार रात करीब 1 बजे तेंदुए को बेहोश कर सुरक्षित बाहर निकाला गया।
घायल था तेंदुआ, उपचार के बाद छोड़ा गया जंगल में
फंदे में फंसने के कारण तेंदुए के पेट और पिछले हिस्से में चोट आई थी। वन विभाग की तत्परता से उसकी जान बच गई। प्राथमिक उपचार के बाद उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया।
डॉग स्क्वाड की मदद से आरोपी तक पहुंची टीम
शिकारियों तक पहुंचने के लिए कटघोरा वनमंडल ने अचानकमार टाइगर रिजर्व के डॉग स्क्वाड की मदद ली। डॉग ‘नीतू’ की सहायता से टीम नगोई भाठा निवासी विजय कुमार गोंड (37) तक पहुंची। तलाशी में शिकार में प्रयुक्त तार, फंदे और अन्य सामग्री बरामद हुई।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने सूअर का शिकार करने के उद्देश्य से फंदा लगाया था, लेकिन उसमें तेंदुआ फंस गया।
वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई
आरोपी के खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम की धारा 09, 51 व 52 के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पाली के समक्ष पेश किया गया। अदालत ने आरोपी को 14 दिन के न्यायिक रिमांड पर उप जेल कटघोरा भेज दिया है।
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जंगल और वन्य प्राणियों की सुरक्षा के लिए कड़ी निगरानी और सख्त कार्रवाई की जरूरत है।
