अर्जुन झा——–
*जगदलपुर।* बस्तर संभाग के कांकेर जिले की दुर्गूकोंदल तहसील के कोड़ेकुर्से में धर्मांतरण को लेकर विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्र के 30 गांवों के प्रमुख और सभी जाति समाजों के लोग शामिल हुए। धर्मांतरण रोकने मूल संस्कृति बचाओ समिति का गठन किया गया।बैठक के दौरान ही सुरुंगदोह और साधु मिचगांव के कन्वर्ट हो चुके 4 परिवारों के 21 लोगों ने सार्वजानिक रुप से मूल धर्म में हुए वापसी की। मूल धर्म में वापस हुए लोगों का गायता, पटेल, समाज प्रमुखों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में परंपरागत रूप से पूजा अर्चना कर, पीले चावल देकर और पगड़ी बांधकर स्वागत किया गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र में धर्मांतरण के बढ़ते मामलों को लेकर गांव के लोगों में असंतोष दिखाई दे रहा है। इसी के चलते कई परिवार पुनः अपनी पारंपरिक आस्था की ओर लौटने का निर्णय ले रहे हैं। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि समाज और संस्कृति की पहचान बनाए रखने के लिए जागरूकता जरूरी है। सामाजिक एकता को मजबूत करने के उद्देश्य से सभी धर्मांतरित परिवारों से भी अपने मूल धर्म में लौटने की अपील की गई।
इस अवसर पर मुख्य रूप से जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र टेकाम, सर्व आदिवासी समाज संरक्षक सुकलाल नाग, पिछड़ा वर्ग समाज ब्लॉक अध्यक्ष विजय पटेल, धनसिंह पुंगाटी, नारायण सिंह पटेल, बहादुर तुलावी, अजीत हिडको, दीपक पुडो, जागेश्वर टेकाम, सखाराम हिडको, तुकाराम पटेल, राजमान कोवाची, परसू पुगांटी, सिरो कोमरे, रघुनंदन गोस्वामी, जनक आरदे, भावसिंह मांडवी, हितेश सांघीय, मनी पटेल, भावसिंह प्रधान, शोभाराम, मंगियाराम टेकाम, राजाराम जाडे, मानक लाल गावड़े, गजेश जाड़े, परमेश्वर रावटे सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
