रायपुर। नगर निगम की टीम ने शनिवार सुबह जीई रोड स्थित साइंस कॉलेज चौपाटी को हटाते हुए उसे अमानाका ब्रिज के नीचे स्थानांतरित कर दिया। कार्रवाई के दौरान कांग्रेस नेताओं ने मौके पर पहुंचकर विरोध जताया और हंगामा किया। इस बीच, भाजपा विधायक राजेश मूणत और महापौर मीनल चौबे ने मीडिया के सामने अलग-अलग पक्ष रखे।
रायपुर पश्चिम के विधायक राजेश मूणत ने कहा कि चौपाटी का मुद्दा नया नहीं है, बल्कि ढाई–तीन वर्ष से चला आ रहा मामला है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में भी भाजपा ने चौपाटी निर्माण का विरोध किया था। स्मार्ट सिटी ने इसे यूथ हब का नाम देकर विकसित किया, जबकि भूमि खेल विभाग की थी। मूणत ने दावा किया कि अवैध निर्माण के विरोध में भाजपा नेताओं ने 12 दिनों तक आंदोलन भी किया था।
उन्होंने आगे बताया कि करीब 29 लाख रुपये में दुकानों के संचालन का ठेका दिया गया और 60 दुकानों से 25 हजार रुपये मासिक वसूले जा रहे थे। कई दुकानें एग्रीमेंट के अनुसार नहीं खोली गईं, इसी कारण शनिवार को उन्हें बदली की गई। कांग्रेस द्वारा विरोध पर मूणत ने कहा कि यह केवल राजनीतिक प्रदर्शन है।
वहीं, महापौर मीनल चौबे ने कहा कि भाजपा शुरू से ही अवैध चौपाटी का विरोध करती रही है। उन्होंने बताया कि नई जगह पर शिफ्ट किए गए दुकानदारों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। महापौर ने यह भी जानकारी दी कि जहां चौपाटी थी, उस जगह पर जल्द ही नालंदा परिसर विकसित किया जाएगा। कार्रवाई के दौरान सभापति सूर्यकांत राठौड़, निगम सदस्य और भाजपा जिला अध्यक्ष रमेश ठाकुर भी मौजूद रहे।
