रायपुर। राजधानी में साइंस कॉलेज चौपाटी को हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई ने शनिवार सुबह माहौल गर्म कर दिया। नगर निगम द्वारा निर्धारित समय सीमा पूरी होने के बाद व्यापारी असमंजस और विरोध की स्थिति में आ गए। जानकारी मिलते ही पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी सहित कई कांग्रेस नेता देर रात ही व्यापारियों के समर्थन में धरने पर बैठ गए।
सुबह होते ही जेसीबी मशीन, पुलिस बल और निगम कर्मचारियों की टीम चौपाटी क्षेत्र में पहुंची, जिसके बाद हालात और बिगड़ गए। विरोध कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मशीनों के सामने लेटकर कार्रवाई रोकने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद पुलिस ने पूर्व विधायक उपाध्याय, आकाश तिवारी और अन्य कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। मौके पर निगम की बड़ी संख्या में गाड़ियां और अधिकारी उपस्थित रहे।
चौपाटी को स्थानांतरित करने के लिए जिस नए स्थान का प्रस्ताव था, वह रेलवे की भूमि होने के कारण विवाद में उलझ गया। रेलवे उस स्थान पर पार्किंग निर्माण की तैयारी में है और वहां काम कर रहे मैकेनिकों को नोटिस जारी किया जा चुका है, जिससे पुनर्वास की प्रक्रिया अधर में लटक गई।
स्थिति के बीच बीजेपी विधायक राजेश मूणत और कांग्रेस नेता सुबोध हरितवाल के बीच भी तीखी नोकझोंक देखने को मिली। राजनीतिक खींचतान और विरोध बीती रात से ही जारी था।
दुकानदारों का कहना है कि चौपाटी उनके रोज़गार का मुख्य आधार है और बिना उचित वैकल्पिक व्यवस्था के उसे हटाना अन्यायपूर्ण है। तनावपूर्ण माहौल का असर यातायात पर भी देखने को मिला और जीई रोड इलाके में सुबह से ट्रैफिक धीमा रहा।
