*-अर्जुन झा-*
जगदलपुर, 20 नवंबर 2025/ विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में बस्तर जोन ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है। बस्तर के मेधावी छात्र वीरेंद्र यादव का चयन प्रतिष्ठित 52वीं राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी 2025 के लिए हुआ है, जो वर्तमान में 18 से 23 नवंबर 2025 तक क्षेत्रीय शिक्षण संस्थान, श्यामला हिल्स, भोपाल (मध्य प्रदेश) में आयोजित हो रही है।
वीरेंद्र यादव का प्रदर्श (कोड: 5.6.1) एक महत्वपूर्ण विषय ‘अपशिष्ट प्रबंधन’ पर आधारित है। उनका अभिनव मॉडल “प्लास्टिक कचरे से जैव ईंधन एवं ऊर्जा उत्पादन” प्लास्टिक कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन और उससे ऊर्जा उत्पादन के नवाचार को प्रदर्शित करता है। यह मॉडल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

वीरेंद्र वर्ष 2024 में बस्तर जोन स्तर पर चयनित होकर अंबिकापुर में आयोजित राज्य स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुके हैं। इसी कड़ी में, वह इस वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर बस्तर का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शक शिक्षक अंकित गुप्ता के सतत मार्गदर्शन ने इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
विज्ञान गतिविधियों के अधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि बस्तर जोन लगातार कई वर्षों से राष्ट्रीय स्तर की विज्ञान प्रतियोगिताओं में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। हाल ही में, जशपुर में आयोजित राज्य स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में भी बस्तर जोन के 7 छात्रों ने विशिष्ट स्थान प्राप्त किया था। यह प्रदर्शन जिले के विज्ञान शिक्षकों की सतत मेहनत और छात्रों की प्रतिभा का परिणाम है।
जिले के उच्च प्रशासनिक अधिकारियों ने भी इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त की है और छात्रों को बधाई दी है। बस्तर जोन में विज्ञान के विकास और प्रोत्साहन में कलेक्टर श्री हरिस एस और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रतीक जैन का मार्गदर्शन अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है।
इनके अलावा जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल, जिला मिशन समन्वयक अशोक पांडे, नोडल अधिकारी बी.एस. रामकुमार, विकासखंड शिक्षा अधिकारी राजेश गुप्ता, एपीसी जयनारायण पाणिग्रही, राकेश खापर्डे तथा मार्गदर्शक शिक्षक दीप्ति ठाकुर, सचिन कारेकर, मनीष कुमार अहीर सहित सभी विज्ञान शिक्षकों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
बस्तर के विद्यार्थियों का यह उत्कृष्ट प्रदर्शन इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि जिले के बच्चे विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं, और भविष्य में देश के वैज्ञानिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
