रायपुर, 17 नवंबर । रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा के निर्देश पर वॉट्सएप के जरिए फर्जी एपीके फाइल भेजकर मोबाइल हैक करने वाले साइबर ठग गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। धर्मजीत सिंह नामक युवक द्वारा तैयार की गई फर्जी एंड्रॉइड एपीके फाइलों के जरिए देशभर में बड़ी संख्या में लोगों को निशाना बनाया जा रहा था। आरोपी सरकारी योजनाओं, बैंकिंग ऐप, बिजली बोर्ड और अन्य संस्थानों के नाम पर नकली ऐप बनाते थे, जिनमें मेलेशियस कोड डालकर इन्हें वॉट्सएप व टेलीग्राम के माध्यम से प्रसारित किया जाता था। जैसे ही कोई व्यक्ति इन फर्जी ऐप्स को इंस्टॉल करता, उसका मोबाइल पूरी तरह हैकर के नियंत्रण में चला जाता था और मोबाइल में मौजूद बैंकिंग डाटा और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी हैकरों तक पहुंच जाती थी। इसके बाद पीड़ित के खाते से राशि निकालने के साथ उसके कांटेक्ट लिस्ट में मौजूद लोगों को भी फर्जी लिंक भेजकर और लोगों को ठगी का शिकार बनाया जाता था।
जांच में सामने आया कि धर्मजीत सिंह ने टेलीग्राम ग्रुप में 500 से अधिक लोगों को जोड़कर इन फर्जी एपीके फाइलों की बिक्री की थी। इन फाइलों को खरीदने वाले साइबर अपराधी आगे इन्हें विश्वसनीय संस्थानों के नाम पर वॉट्सएप ग्रुपों में भेजकर लोगों को क्लिक करने के लिए बहकाते थे। मोबाइल हैक होने के बाद ठग सौरभ कुमार और आलोक रकम को म्यूल अकाउंट्स में ट्रांसफर करते थे, इसके बाद चांद मोहम्मद के माध्यम से रकम एटीएम संचालक इरफान अंसारी (आसनसोल) तक पहुंचाई जाती थी जहां से कैश निकाला जाता था। गिरोह ने अर्चना भदौरिया से 5.12 लाख और महेश कुमार साहू से 12 लाख की ठगी की। इन मामलों में थाना टिकरापारा व थाना राखी में क्रमशः अपराध क्रमांक 734/25 और 132/25 दर्ज कर जांच रेंज साइबर थाना रायपुर द्वारा की जा रही है।
तकनीकी जांच के आधार पर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और मध्यप्रदेश में छापेमारी कर छह आरोपियों — सौरव कुमार, आलोक कुमार, चांद बाबू, धर्मजीत सिंह, मोहम्मद इरफान अंसारी और मारूफ अंसारी — को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के मोबाइल और डिजिटल डिवाइस से पीएम किसान, योनो एसबीआई, क्रेडिट कार्ड, आरटीओ चालान, इंश्योरेंस, बैंकिंग एपीके सहित कई फर्जी ऐप मिले हैं। आरोपियों के बैंक खातों में 2 लाख रुपये होल्ड किए गए हैं, साथ ही ठगी की कुछ रकम मोबाइल दुकान में निवेश करना भी सामने आया है, जिसकी जांच जारी है।
पुलिस ने जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, फाइल या ऐप पर क्लिक न करें, केवल गूगल प्ले स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करें, ऐप इंस्टॉल करते समय उसकी परमिशन जांचें, मोबाइल में एंटीवायरस का उपयोग करें तथा यदि मोबाइल हैक होने की आशंका हो तो तुरंत सिम निकालकर मोबाइल को फ्लाइट मोड पर करें। धोखाधड़ी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।
