रायपुर, 17 नवंबर। राज्य सरकार ने 15 वर्ष से अधिक पुराने शासकीय और गैर-शासकीय वाहनों को कबाड़ घोषित करते हुए स्क्रैप करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। यह कदम केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग से मिले निर्देशों के अनुरूप उठाया गया है।
परिवहन विभाग ने सभी सरकारी विभागों और विभागाध्यक्षों को पत्र जारी कर निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने विभागों में मौजूद पुराने वाहनों की पूरी सूची तत्काल उपलब्ध कराएं। तय दिशा-निर्देशों के अनुसार, वाहनों की संख्या के हिसाब से संबंधित विभागों को अनुदान भी प्रदान किया जाएगा। विभाग ने 2,000 सरकारी और 4,000 गैर-सरकारी वाहनों को स्क्रैप करने का लक्ष्य रखा है। इस पहल का उद्देश्य प्रदूषण कम करना और परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और पर्यावरणीय दृष्टि से अनुकूल बनाना है।
प्रक्रिया की समीक्षा और आगे की रणनीति तय करने के लिए 21 नवंबर को महानदी भवन में परिवहन सचिव की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इसमें विभागों को 15 साल से ज्यादा पुराने वाहनों का पंजीयन नंबर, संबंधित अधिकारी या संस्था का नाम, वाहन का प्रकार, उसकी वर्तमान स्थिति और पहले कबाड़ किए गए वाहनों की रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
अधिकारियों के अनुसार, पंजीकृत स्क्रैपिंग सेंटर में वाहन स्क्रैप कराने पर वाहन मालिकों को नई गाड़ी खरीदते समय 25% तक टैक्स छूट का लाभ मिलेगा। स्क्रैप प्रक्रिया पूरी होने पर वाहन मालिक को एक ऑनलाइन *सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट* जारी किया जाएगा, जिसे राज्य के सभी ऑटोमोबाइल डीलरों द्वारा मान्यता प्राप्त होगी।
सरकार का मानना है कि इस अभियान से पुरानी और प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों की संख्या घटेगी, जिससे पर्यावरणीय संतुलन सुधरेगा और राज्य का वाहन बेड़ा आधुनिक और सुरक्षित बनेगा।
