*-अर्जुन झा-*
*बकावंड।* विकासखंड बकावंड में सुशासन सरकार के कर्मचारी किस प्रकार फर्जी बिल प्रस्तुत कर सरकारी धन की लूट में लगे हुए हैं। ज्यादातर सरपंच कम पढ़े लिखे हैं और कई ग्राम पंचायतों में महिला सरपंच हैं। सचिव और जनपद पंचायत के कुछ कर्मी उनकी अशिक्षा तथा भोलेपन का फायदा उठाकर सरकारी राशि हजम कर रहे हैं। ब्लॉक की एक पंचायत में तो
फर्जी बिल छपवाकर 15वें वित्त की राशि में हेराफेरी का बड़ा मामला सामने आया है।
..ग्राम पंचायत सतोषा में फर्जी बिल वाउचर लगाकर राशि भुगतान दर्शाया गया है। एक फर्म के नाम पर दो बार भुगतान किया गया है। इलेक्ट्रॉनिक सामान बेचने वाली फर्म से पंचायत भवन की मरम्मत कराने और उसी फर्म को स्टेशनरी सप्लायर बताकर राशि का भुगतान किया जाना दर्शाया गया है।
राशि की हेराफेरी के लिए जो बिल लगाए गए हैं, उन्हें देखकर अनुमान लगाया जा सकता है कि बकावंड ब्लॉक में 15वें वित्त की राशि की जमकर बंदरबांट की जा रही है। सतोषा पंचायत में लगाए गए बिल बता रहे हैं कि फर्म राजवीर इलेक्ट्रॉनिक द्वारा पंचायत भवन की मरम्मत का कार्य किया गया है और राजवीर इलेक्ट्रॉनिक ने ही पंचायत के लिए स्टेशनरी की सप्लाई भी की है। इसी तरह के ग्राम पंचायत सतोषा में अनेक बिल लगाए गए हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान में स्टेशनरी का समान मिलना एवं पंचायत भवन की मरम्मत करना यह जांच विषय है एक ही फर्म को निर्माण कार्य का भुगतान एवं स्टेशनरी का भुगतान किया गया है। वहीं ग्राम पंचायत सतोषा के सचिव महेश्वर यादव दलील दे रहे हैं कि राजवीर इलेक्ट्रॉनिक में पंचायत की जरूरत के सभी प्रकार सामान उपलब्ध हैं। इस दुकान में स्टेशनरी, रेती, गिट्टी, सीमेंट सरिया आदि चीजें बेची जाती हैं। ऐसा घालमेल अकेले सतोषा पंचायत में ही नहीं चल रहा है, बल्कि बकावंड विकासखंड की अमूमन हर पंचायत की यही कहानी है। इस तरह के भ्रष्टाचार के मामले कई बार सामने आ चुके हैं। जो फर्म अस्तित्व में ही नहीं है, उससे भी कथित रूप से सामग्री सप्लाई करवा ली गई है और बाकायदा भुगतान भी दर्शाया गया है। इसके बावजूद अधिकारी ऐसे दागी सचिवों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। इससे जाहिर होता है कि इस खेल में सबकी मिलीभगत है। विभिन्न मदों से कराए जाने वाले निर्माण कार्यों में तो भ्रष्टाचार किया जाता है, सबसे ज्यादा घपलेबाजी 15वें वित्त की राशि में की जाती है।
*वर्सन*
*इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान में है हर सामान*
राजवीर इलेक्ट्रॉनिक्स में ग्राम पंचायत की जरूरत का हर सामान मिलता है, निर्माण सामग्री भी मिलती है। जो काम कराया है, या सामान लिया है, उसी का भुगतान किया गया है।
*-महेश्वर यादव,*
पंचायत सचिव, ग्राम पंचायत सतोषा


