अर्जुन झा——–
*जगदलपुर।* बस्तर धाकड़ राजपूत क्षत्रिय समाज की जिला इकाई दंतेवाड़ा ने संगठन का 14वां स्थापना दिवस ग्राम बालूद में मनाया। इस अवसर पर समाज प्रमुखों ने मां दंतेश्वरी व भगवान राम के चित्रों पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन किया और समाज का ध्वज फहराया।
इस अवसर पर अपने संबोधन में समाज के संरक्षक व पूर्व जिलाध्यक्ष बीरबल सिंह ठाकुर ने कहा कि किसी भी समाज का विकास शिक्षा के बल पर ही होता है। इसलिए बच्चों को ज्यादा से ज्यादा शिक्षा दिलाएं। समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करना बहुत जरूरी है। समाज के जिला उपाध्यक्ष महादेव ठाकुर ने समाज की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि संगठन में ही शक्ति है। सामाजिक बैठकों में लोगों को ज्यादा से ज्यादा संख्या में भाग लेना चाहिए। शिक्षा का स्तर बढ़ाकर ही समाज को आगे लेकर जा सकते हैं। संभागीय पदाधिकारी मोहन सिंह ठाकुर ने कहा कि आज के दौर में समाज की एकजुटता बहुत जरूरी है। कुरीतियों को त्यागने के साथ ही अच्छी और उपयोगी परंपराओं को बचाए रखना भी जरूरी है। दंतेवाड़ा में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम मंदिर निर्माण में समाज को बढ़ चढ़कर योगदान देना चाहिए। जिला सचिव खगेश्वर ठाकुर ने संगठन की गतिविधियों का ब्यौरा देते हुए आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी। पेंटा पालनार से आए समाज प्रमुख मोहर सिंह ठाकुर ने कहा कि समाज में युवा वर्ग की भागीदारी बढ़ाना जरूरी है। पारंपरिक रीति-रिवाजों को सीखते हुए बड़े-बुजुर्गों का सम्मान करें। इससे आने वाली पीढ़ी भी सीख लेकर संस्कारवान बनेगी। स्वागत उद्बोधन सुरेश ठाकुर ने दिया। कार्यक्रम का संचालन व आभार प्रदर्शन दिनेश ठाकुर ने किया। इस कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष राजाराम ठाकुर, अर्जुन सिंह, कमल सिंह ठाकुर, उरदो सिंह ठाकुर, चरण सिंह, नवल सिंह ठाकुर, शैलेंद्र ठाकुर, मोती सिंह, मुकुंद सिंह ठाकुर, कल्याण सिंह, दिगंबर राम ठाकुर, रामराज ठाकुर, प्रमोद ठाकुर समेत ग्राम बालूद, बालपेट, मुरकी, चीतातालुर, पेंटा, कटेकल्याण, रोंजे, बारसूर, हाउरनार, फरसपाल, आलनार, बिंजाम, समलूर, गीदम, बड़ेगुडरा, बचेली, पोंदुम, भैरमबंद, दंतेवाड़ा, फूलपदर, पंडेवार, कतियाररास, चितालंका, कासोली, छिंदनार, गुमलनार आदि गांवों से समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
बाढ़ पीड़ितों को बांटी सहायता
इस मौके पर समाज के द्वारा 25 अगस्त को दंतेवाड़ा जिले में आए विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित परिवारों को समाज द्वारा जन सहयोग से एकत्र की गई सहायता राशि का वितरण किया गया। पूर्ण और आंशिक क्षति के हिसाब से परिवारों को यह सहायता दी गई।






