*अर्जुन झा*
*बकावंड।* विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायत बोरी में पानी टंकी 4 साल से बनकर तैयार खड़ी है, मगर ग्रामीणों को इस टंकी से आज तक एक बूंद भी पानी नसीब नहीं हुआ है । लाखों रुपयों की लागत से बनी यह पानी टंकी सरपंच, सचिव और विभाग के अधिकारी कर्मचारियों की लापरवाही की गवाही दे रही है। 
बोरी के उप सरपंच मोती राम के अनुसार करीब चार साल से यह टंकी ग्रामीणों को मूह चिढ़ाते खड़ी है। पानी सप्लाई कनेक्शन बंद होने से यह टंकी अब किसी काम की नहीं रह गई है। केंद्र और राज्य सरकार ने ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जल जीवन मिशन, अमृत मिशन जैसी महति योजनाएं चला रखी हैं, मगर सरपंच सचिव और विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के बजाय इस योजना की आड़ में अपनी शुद्ध कमाई कर ली।भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ चुकी यह टंकी अब जर्जर हो गई है।सुशासन सरकार में प्रशासनिक नमूने पूरी सरकार को बदनाम करने पर तुले हैं। इसे लेकर ग्रामीणों में आक्रोश देखा जा रहा है। बोरी गांव के उप सरपंच मोतीराम चंद्राकर ने कहा कि यह टंकी आज महज शो पीस बन कर रह गई। मोतीराम चंद्राकर, ग्रामीण गंगाराम, हरिबंधु नाग, समधु पंत और अन्य ग्रामीणों ने मामले की जांच कराने और पेयजल योजना को जल्द से जल्द शुरू कराने की मांग बकावंड एसडीएम से की है।
