कोरबा, 04 फरवरी (दुर्ग भिलाई अपडेट)।
जिले में बैंकिंग व्यवस्था की सुरक्षा पर सवाल खड़े करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। दीपका थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रंजना में मृत खाताधारक की फिक्स्ड डिपॉजिट से अज्ञात ठगों ने 7 लाख 10 हजार रुपये की धोखाधड़ी कर ली। आरोप है कि ठगों ने बैंक खाते में दर्ज मोबाइल नंबर बदलवाकर पूरी रकम दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दी।
पीड़िता चंचल जायसवाल ने बताया कि उनके ससुर मेवालाल जायसवाल का यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की चैतमा शाखा में खाता था। मेवालाल जायसवाल ने 19 अप्रैल 2024 को आठ लाख रुपये की एफडी कराई थी, जो 23 मई 2025 को परिपक्व होनी थी। परिपक्वता पर एफडी की राशि 8.70 लाख रुपये होनी थी, जिसमें पोते अथर्व जायसवाल को नामिनी बनाया गया था।
एफडी की अवधि पूरी होने से पहले ही 19 फरवरी 2025 को मेवालाल जायसवाल का निधन हो गया। परिवार को यह अंदेशा भी नहीं था कि खाताधारक की मृत्यु के बाद ठग गिरोह बैंक खाते को निशाना बना चुका है। जब परिपक्वता के बाद 10 दिसंबर 2025 को चंचल जायसवाल बैंक पहुंचीं, तब उन्हें खाते से बड़ी रकम निकाले जाने की जानकारी मिली।
बैंक स्टेटमेंट निकलवाने पर पता चला कि खाते में दर्ज मोबाइल नंबर बदला गया था और करीब 7.10 लाख रुपये पहले ही किसी अन्य खाते में ट्रांसफर किए जा चुके हैं। पीड़िता ने आरोप लगाया कि घटना से पहले कुछ लोग खुद को यूनियन बैंक का कर्मचारी बताकर उनके घर पहुंचे थे और एफडी के मूल दस्तावेज अपने साथ ले गए थे।
पीड़िता ने बैंक प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा है कि खाताधारक की मृत्यु के बाद या नामिनी की उपस्थिति के बिना मोबाइल नंबर कैसे बदला गया, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
दीपका पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और इसे संगठित ठग गिरोह की करतूत मानते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस बैंक कर्मचारियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। यह घटना आम लोगों के लिए चेतावनी है कि खाताधारक की मृत्यु के बाद भी बैंक खातों की सुरक्षा को लेकर पूरी सतर्कता बेहद जरूरी है।
