*-अर्जुन झा-*
*जगदलपुर।* अगर किसी कर्मचारी को सेवनिवृत्ति से ठीक एक दिन पहले ही नौकरी से भारमुक्त कर दिया जाए, तो उस कर्मचारी के भविष्य का क्या होगा? इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है। बस्तर जिले के हायर सेकंडरी स्कूल कुरंदी के प्राचार्य ने कुछ ऎसी ही मनमानी और अमनवीयता का परिचय दिया है। प्राचार्य ने स्कूल की एक महिला भृत्य को उसकी सेवनिवृत्ति के एक दिन पहले भारमुक्त कर उसे जीवन भर के लिए बड़ी पीड़ा दे दी है। आनन फानन में की गई इस कार्रवाई के पीछे बदले की भावना साफ झलक रही है।

यह दुखद घटना बस्तर जिले के जगदलपुर विकासखंड अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला कुरंदी में कार्यरत रही भृत्य कामिनी कौशल के साथ हुई है। कामिनी कौशल 31 जनवरी को सेवनिवृत होने वाली है, मगर इसके एक दिन पहले ही 29 जनवरी को स्कूल के प्राचार्य ने आनन फानन में एक आदेश जारी कर कामिनी कौशल को अपने स्कूल से अचानक भारमुक्त कर दिया। अपने इस तुगलकी फरमान में हायर सेकंडरी स्कूल कुरंदी के प्राचार्य ने लिखा है कि कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी जगदलपुर बस्तर द्वारा श्रीमती कामिनी कौशल भृत्य को उनकी मूल संस्था माध्यमिक शाला जामगुड़ा कुरंदी विकासखंड जगदलपुर में कार्य करने हेतु आदेशित किया गया है, अतः कामिनी कौशल को दिनांक 29 जनवरी 2026 को अपरान्ह से भारमुक्त किया जाता है। सूत्र बताते हैं कि कामिनी कौशल पर प्राचार्य अपने घर का काम करने दबाव डालते रहे हैं, मगर कामिनी ने प्राचार्य के घर पर कार्य करने से इंकार कर दिया था। इसी बात की सजा के तौर पर उन्हें भारमुक्त कर दिया गया है। इस बाबत न तो विकासखंड शिक्षा अधिकारी से कोई पत्र व्यवहार किया गया, न ही उन्हें कोई जानकारी दी गई।
