दल्लीराजहरा 29 जनवरी। (दुर्ग भिलाई अपडेट)
नगर क्षेत्र में आवारा कुत्तों का बढ़ता आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला वार्ड क्रमांक 10 का है, जहां आवारा कुत्तों के झुंड ने बच्चों पर हमला कर दिया। इस घटना में एक मासूम बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई, जिससे पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल बन गया है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक हुए हमले में बच्चों के कान और शरीर के अन्य हिस्सों में गहरी चोटें आई हैं। घायल बच्ची को तत्काल चिखलाकसा स्थित शासकीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर निधि राम द्वारा प्राथमिक उपचार किया गया। चिकित्सकों ने बताया कि चोटें गंभीर थीं, लेकिन समय रहते उपचार मिलने से स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है।
इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों ने नगर की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था और पशु नियंत्रण प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। लोगों का कहना है कि आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को लेकर वे लंबे समय से शिकायत करते आ रहे हैं, बावजूद इसके जिम्मेदार विभागों द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
नागरिकों ने आरोप लगाया कि नगर की गलियों, स्कूल जाने वाले रास्तों और बाजार क्षेत्रों में आवारा कुत्तों के झुंड खुलेआम घूमते रहते हैं, जिससे बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर लगातार खतरा बना हुआ है। शासन स्तर पर नसबंदी और टीकाकरण जैसी योजनाएं मौजूद होने के बावजूद उनका लाभ जमीनी स्तर पर नजर नहीं आ रहा है।
पशु चिकित्सा विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
घटना के बाद पशु चिकित्सा विभाग की कार्यशैली को लेकर भी नाराजगी सामने आई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नि:शुल्क पशु चिकित्सा सेवाओं के बावजूद पालतू कुत्तों के टीकाकरण और उपचार के नाम पर अवैध शुल्क की मांग की जाती है। नागरिकों का कहना है कि जब पालतू पशुओं की स्थिति ऐसी है, तो आवारा कुत्तों के नियंत्रण की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

पार्षद रोशन पटेल का तीखा बयान
गांधी चौक वार्ड क्रमांक 20, दल्ली राजहरा के पार्षद रोशन पटेल ने घटना पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि समय रहते आवारा कुत्तों की नियमित नसबंदी कराई जाती, तो ऐसी घटनाएं सामने नहीं आतीं।
उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “जब से भाजपा की सरकार आई है, तब से दल्ली राजहरा में विकास कार्य ठप पड़े हैं और जनता को ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।”
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
घटना के बाद क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा कुत्तों की तत्काल धरपकड़, नसबंदी और टीकाकरण की प्रभावी व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और बच्चों सहित आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
