रूस, 28 जनवरी।
रूसी सेना से जुड़ा एक गंभीर और विवादित मामला सामने आया है, जिसने सैन्य अनुशासन के नाम पर होने वाली कथित क्रूरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में आरोप लगाया गया है कि आदेशों की अवहेलना करने के आरोप में दो सैनिकों को उनके वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा अत्यंत कठोर और अमानवीय सज़ा दी गई।
वीडियो में दावा किया जा रहा है कि दोनों सैनिकों को कड़ाके की ठंड में पेड़ से बांधकर खड़ा किया गया और उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई बिना अनुमति के अपनी पोस्ट छोड़ने और आदेशों का पालन न करने के आरोप में की गई। वीडियो में सैनिक अपने अधिकारियों से बार-बार माफी मांगते हुए दिखाई देते हैं, लेकिन इसके बावजूद वरिष्ठ अधिकारी का रवैया कठोर बना रहता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, संबंधित सैनिक अपने कमांडर द्वारा बताए गए निर्धारित स्थान तक समय पर नहीं पहुंच पाए थे। हालांकि, उस मिशन और स्थान से जुड़ी विस्तृत जानकारी अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है। इस पूरे मामले ने सेना के भीतर अनुशासन लागू करने के तरीकों पर बहस को तेज कर दिया है।
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति वार्ता की कोशिशें जारी हैं। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हाल ही में कहा है कि यूक्रेन द्वारा कुछ क्षेत्रों पर दावा छोड़े बिना रूसी सेना की वापसी संभव नहीं है। वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने इस मांग को पूरी तरह खारिज करते हुए साफ कहा है कि उनका देश किसी भी परिस्थिति में अपनी संप्रभुता से समझौता नहीं करेगा।
वायरल वीडियो के बाद एक बार फिर युद्ध के दौरान सैनिकों के मानवाधिकार, सैन्य नेतृत्व की जवाबदेही और अनुशासन के नाम पर की जाने वाली कार्रवाइयों पर गंभीर प्रश्न उठने लगे हैं।
