*अर्जुन झा*
*जगदलपुर।* नगरनार ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य के निर्देशानुसार पूर्व विधायक रेखचंद जैन की उपस्थिति में मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत पदयात्रा जनांदोलन किया गया। इस अवसर पर कांग्रेस पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने गरावंडखुर्द से नेगीगुड़ा व मोरठपाल होते हुए माड़पाल में मनरेगा बचाओ पदयात्रा का समापन किया। कांग्रेसजनों ने 6 किमी की पदयात्रा की।
इस दौरान शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि भाजपा सरकार मजदूर और किसान विरोधी है। अब मनरेगा याेजना में अकुशल श्रमिकाें काे राेजगार की काेई गारंटी नहीं हाेगी। भाजपा सरकार ने मनरेगा का नाम विकसित भारत गारंटी फाॅर राेजगार करके राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और रविंद्र नाथ टैगाेर जैसी महान विभूतियाें काे अपमानित करने का कार्य किया है। इस योजना में किए गए बदलाव के पीछे योजना की कानूनी गारंटी और महत्व को कमजोर करना है। मोदी सरकार द्वारा मनरेगा को खत्म करना सिर्फ एक योजना को खत्म करना नहीं, बल्कि गरीब, मजदूर, किसान से उसका संवैधानिक हक छीनने का सुनियोजित षड्यंत्र है।कांग्रेस पार्टी इसका लगातार पुरजोर विरोध आगे भी करती रहेगी। नगरनार ब्लॉक अध्यक्ष संतोष सेठिया ने कहा कि भाजपा सरकार सिर्फ बदले की भावना से काम कर रही है।और नाम बदलकर अपनी विचारधारा को थोप रही है महात्मा गांधी का नाम योजना से हटाकर केंद्र सरकार ने अपनी ओछी मानसिकता का प्रत्यक्ष परिचय दिया है। मोदी सरकार द्वारा मनरेगा को खत्म करना सिर्फ एक योजना को खत्म करना नहीं, बल्कि गरीब, मजदूर, किसान से उसका संवैधानिक हक छीनने का सुनियोजित षड्यंत्र है। पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि मनरेगा केवल रोजगार योजना नहीं, बल्कि गरीबों की आर्थिक सुरक्षा की रीढ़ है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट कटौती और भुगतान में देरी के जरिए इस योजना को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। केंद्र सरकार की ओर से मनरेगा को कमजोर करने और धीरे‑धीरे बंद करने की कोशिशें की जा रही हैं, जिससे गरीब और ग्रामीण परिवारों पर सीधा असर पड़ रहा है। महात्मा गांधी के नाम पर शुरू की गई मनरेगा दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना बनी। मनरेगा ने न सिर्फ ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ सशक्त की, बल्कि करोड़ों परिवारों को रोजी-रोटी, रोजगार, सम्मान और अधिकार दिया। लेकिन मोदी सरकार दलगत राजनीति के चलते सुधार के नाम पर जानबूझकर इस योजना खत्म कर रही है। आमजन की जीवन रेखा बन चुकी मनरेगा योजना को बचाने के लिए कांग्रेस सड़क से संसद तक लड़ाई लड़ेगी।पदयात्रा में मुख्य रूप से नीलूराम बघेल, हेमू उपाध्याय, गणेश सेठिया, युकां अध्यक्ष निकेत राज झा, असीम सुता, राजेश कश्यप, हरिहर सेठिया, लोकेश सेठिया, शंकर नाग, सोनधर, जगन्नाथ, प्रदीप सेठिया, मनीराम, चमनलाल देहारी, शिवलाल नाग, अर्जुन, लछिमधर नाग, विनोद बिसाई, सुभाष गावड़े, रामा, सुखराम, संतोष यादव, अतिरिक्त शुक्ला, वीरेंद्र साहनी, लेखन बघेल, मंडल अध्यक्ष गणेश सेठिया, ब्लॉक अध्यक्षद्वय बलराम यादव, सूर्यापानी, महिला कांग्रेस अध्यक्ष लता निषाद, महामंत्री अभिषेक नायडू, दयाराम कश्यप, किसान कांग्रेस अध्यक्ष, एनएसयूआई विशाल खंबारी, बलराम कोकड़ो, प्रण्यशील, पार्षद जस्टिन भवानी, विजेंद्र ठाकुर, नीतीश शर्मा, राजेश कश्यप, प्रकाश राव, कमल बघेल, सुखलधर बघेल, दिलीप साहू, सुखराम, जोगेंद्र, जिराम, लक्ष्मण सेठिया, धर्मदास नाग, तिलक यादव, गंगा कश्यप, विजय सिंह, घनश्याम महापात्र, संजय नाग, प्रभुदास, एडविन मार्क, सोहन नायक, मोहसिन खान, खीरेंद्र यादव, राजेंद्र नाथ नाग लक्ष्मी नारायण, राजू राव, प्यारे बघेल, लक्की, भारती, लोकनाथ कश्यप, सुधर कश्यप, रमेश पात्रो, किशोर, गहनेश, नीलकंठ देवो, रूप नारायण, बोटी राम, रामू सूर्यवंशी, शोभाराम, शंकर सेठिया, सुकरू, बैद्यनाथ बघेल, महादेव, आयतो विषम, जगबंधु, रमेश सेठिया, विष्णु सूरज, सोम, रामचंद, सियोन, अश्विन, शिवप्रसाद, सूरज नाग, भूपेंद यादव, कमलू बजरंगी, जालंधर, नीला आदि मौजूद रहे।*
