मुंबई, 27 जनवरी। वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों और भारत–यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को लेकर बढ़ी हलचल के बीच मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सपाट रही। कारोबार के शुरुआती मिनटों में बाजार पर दबाव दिखा, हालांकि कुछ देर बाद खरीदारी लौटने से सूचकांक हरे निशान में आ गए।
शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 100.91 अंकों की गिरावट के साथ 81,436.79 पर खुला, जबकि निफ्टी 14.70 अंक की मामूली बढ़त के साथ 25,063.35 पर खुला। लेकिन बाजार खुलते ही बिकवाली बढ़ गई। सुबह करीब 9:25 बजे सेंसेक्स 401.18 अंक या 0.49 प्रतिशत टूटकर 81,136.52 पर कारोबार करता दिखा। वहीं निफ्टी 103.40 अंक या 0.41 प्रतिशत गिरकर 24,945.25 के स्तर पर आ गया।
सेक्टरों की बात करें तो निफ्टी के लगभग सभी प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में रहे। निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.26 प्रतिशत और मिडकैप 100 में 0.13 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, निफ्टी मेटल सेक्टर सबसे बेहतर प्रदर्शन करता नजर आया, जिसमें 1 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी रही। इसके उलट निफ्टी ऑटो सेक्टर करीब 1.5 प्रतिशत टूटकर सबसे कमजोर रहा।
सेंसेक्स पैक में एक्सिस बैंक, अदाणी पोर्ट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, बीईएल, एनटीपीसी और टाटा स्टील टॉप गेनर्स में शामिल रहे। वहीं कोटक महिंद्रा बैंक, एमएंडएम, मारुति सुजुकी, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक और बजाज फाइनेंस में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई।
हालांकि दबाव के बाद बाजार ने तेजी से रिकवरी दिखाई। सुबह करीब 9:47 बजे सेंसेक्स 200 अंकों से ज्यादा चढ़ गया, जबकि निफ्टी में भी 100 अंकों से अधिक की बढ़त दर्ज की गई।
चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह के मुताबिक, गणतंत्र दिवस की छुट्टी के बाद बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। तकनीकी रूप से निफ्टी अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है, जो कमजोरी का संकेत देता है। 25,200 से 25,300 का स्तर फिलहाल मजबूत रेजिस्टेंस माना जा रहा है, जबकि 25,000 अहम सपोर्ट लेवल है। इसके नीचे फिसलने पर निफ्टी 24,950–24,900 तक जा सकता है।
उन्होंने बताया कि विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) लगातार बिकवाली कर रहे हैं। कैश सेगमेंट में एफआईआई ने करीब 4,113 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने लगभग 4,102 करोड़ रुपये की खरीदारी की, जिससे बाजार को कुछ सहारा मिला।
कुल मिलाकर बाजार की शुरुआत भले ही स्थिर या हल्की सकारात्मक रहे, लेकिन एफआईआई बिकवाली, तकनीकी कमजोरी और कंपनियों के तिमाही नतीजों के चलते निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
