तेहरान 27 जनवरी।
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव ने खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर चिंताएं और गहरा दी हैं। इसी बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को लेकर बड़ी और संवेदनशील जानकारी सामने आई है। खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के बाद संभावित अमेरिकी हवाई हमले की आशंका को देखते हुए 86 वर्षीय खामेनेई को राजधानी तेहरान में स्थित एक सुरक्षित अंडरग्राउंड बंकर में स्थानांतरित कर दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, यह बंकर अत्याधुनिक सुरक्षा व्यवस्था से लैस है और कई गुप्त सुरंगों के जरिए सुरक्षित निकासी की सुविधा से जुड़ा हुआ है। सेना और सुरक्षा एजेंसियों ने सुप्रीम लीडर को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए यह कदम उठाने की सलाह दी थी।
बेटे मसूद खामेनेई को सौंपी गई अहम जिम्मेदारी
खामेनेई के सार्वजनिक जीवन से दूर होने के साथ ही सत्ता के प्रशासनिक ढांचे में भी अस्थायी बदलाव किए गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने अपने सबसे छोटे बेटे मसूद खामेनेई को रोजमर्रा के सरकारी और रणनीतिक समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी है।
53 वर्षीय मसूद सरकार, सैन्य तंत्र और अन्य प्रभावशाली संस्थानों के बीच संपर्क सूत्र की भूमिका निभा रहे हैं। यह कदम ईरान की तैयारियों को दर्शाता है, जो किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के संकेत देता है।
अमेरिकी नौसेना की तैनाती से बढ़ा तनाव
इस पूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिका की सैन्य गतिविधियों ने हालात और संवेदनशील बना दिए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी नौसेना का शक्तिशाली बेड़ा मध्य पूर्व की ओर रवाना किया गया है।
‘यूएसएस अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप’ फारस की खाड़ी की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिसे ईरान के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है।
ईरान की चेतावनी: हमला हुआ तो माना जाएगा युद्ध
अमेरिकी दबाव के बावजूद ईरान ने आक्रामक रुख अपनाया है। राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अगर सुप्रीम लीडर पर किसी भी प्रकार का हमला किया गया, तो इसे सीधे तौर पर ईरान के खिलाफ युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा।
वहीं, संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति ने चेतावनी दी है कि ऐसी किसी भी घटना की स्थिति में कठोर जवाबी कदम उठाए जाएंगे।
कई दिनों से सार्वजनिक मंच से गायब खामेनेई
गौरतलब है कि अयातुल्ला खामेनेई पिछले एक सप्ताह से सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं। सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले खामेनेई ने 17 जनवरी के बाद कोई संदेश साझा नहीं किया है।
इससे पहले भी इजराइल के साथ हुए संघर्ष के दौरान वे सुरक्षा कारणों से अंडरग्राउंड हो गए थे। उनकी अनुपस्थिति ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अटकलों को और तेज कर दिया है।
