*अर्जुन झा*
*दल्ली राजहरा।* राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने देश को अंग्रेजों की गुलामी से आजादी सत्य, अहिंसा के दम पर दिलाई थी। बापू की मंशा थी कि आजाद भारत अपराध और बुराई रहितहोकर खुशहाल रहेगा, मगर खनिज नगरी दल्ली राजहरा में अपने ही नाम के चौक के पास बापू को शर्मिंदा किया जा रहा है। यहां खिलावन के अंकों के खेल में उलझकर लोग बर्बाद हो रहे हैं, इस खेल के चलते दूसरी तरह की बुराइयां और अपराध पनप रहे हैं। पुलिस खिलावन के खेल को रोक पाने में नाकाम साबित हो रही है।
दल्ली राजहरा के सबसे बड़े वार्डों में से एक गांधी चौक में पुलिस की आंखों में धूल झोंक कर पान ठेले की आड़ में सट्टे का अवैध कारोबार चलाने वाले खिलावन का खेल रोकने में पुलिस प्रशासन पूरी तरह असफल दिखाई पड़ रही है।

ज्ञात हो कि पुलिस द्वारा समय समय पर कार्रवाई की तो जाती है पर मौके पर खिलावन का शागिर्द ही उपस्थित मिलता है, जिससे वह स्वयं अवैध धंधों को संचालित करने के बावजूद पुलिस की नजर में आने से बच जाता है। जानकारी के अनुसार पूरे गांधी चौक में महिलाओं और वार्डवासी इस खिलावन नामक सटोरिए से परेशान हैं पर शहर के कुछ अवैध कर्मों में संलिप्त लोगों की मदद से डरा धमका कर खिलावन नामक सटोरिया अपना अवैध धंधा जोरों से चला रहा है। गांधी चौक के मुख्य मार्ग पर स्थित इस पान ठेले में सुबह से ही भीड़ देखने को मिलती है, जहां बच्चे भी सट्टे के दलदल में फंसते नजर आ जाते हैं। भीड़ की वजह से परेशान महिलाओं का आवागमन बाधित होता है, जिससे रोषित हो सभी ने कार्रवाई की मांग की है ।
महिलाओं का कहना है कि उक्त व्यक्ति द्वारा कुछ पुलिस वालों से सेटिंग कर सट्टे का अवैध धंधा बेखौफ होकर चलाया जा रहा है।अब देखना यह है कि क्या पुलिस विभाग स्वयं अवैध धंधों के मुख्य संचालक को गिरफ्त में लेती है या दोबारा उसके किसी शागिर्द को?
*होगी कार्रवाई*
पुलिस को अभी जानकारी मिली है। सटोरिये के खिलाफ तुरंत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
*-संतोष भूआर्य,*
थाना प्रभारी, दल्ली राजहरा
