*अर्जुन झा*
*जगदलपुर।* छत्तीसगढ़ स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक एवं कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने 24 जनवरी m को कोतबा क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से भेंट कर संविदा शिक्षकों एवं कर्मचारियों से जुड़ी 12 सूत्रीय मांगों, ज्वलंत समस्याओं एवं व्यावहारिक कठिनाइयों को उनके समक्ष रखा।
इस अवसर पर पीएम श्री सेजेश कोतबा दल की उपस्थिति में संघ की ओर से प्रदेश अध्यक्ष दुर्योधन यादव, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मनीष शर्मा, शिक्षक राममोहन नाथ, मनीष मित्रा एवं धनेश्वर पैकरा उपस्थित रहे।संघ प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि स्वामी आत्मानंद योजना के अंतर्गत कार्यरत संविदा शिक्षक एवं कर्मचारी वर्षों से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ बनकर पूर्ण निष्ठा, समर्पण एवं ईमानदारी से अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। इसके बावजूद आज भी वे सेवा की सुरक्षा, वेतन विसंगति, भविष्य निधि, स्थायित्व, पदोन्नति, कार्य परिस्थितियों एवं अन्य मूलभूत अधिकारों से संबंधित समस्याओं का सामना कर रहे हैं। प्रतिनिधि मंडल ने यह भी कहा कि संविदा शिक्षकों एवं कर्मचारियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान न केवल उनके मनोबल को सुदृढ़ करेगा, बल्कि इससे प्रदेश की शैक्षणिक गुणवत्ता, प्रशासनिक स्थिरता एवं विद्यार्थियों के हितों की भी प्रभावी रूप से रक्षा होगी।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संघ एवं पीएम श्री सेजेश कोतबा दल द्वारा प्रस्तुत मुद्दों और मांगों को गंभीरता एवं संवेदनशीलता से सुना तथा मांगों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री के इस आश्वासन से संविदा शिक्षकों एवं कर्मचारियों में आशा, विश्वास एवं उत्साह का संचार हुआ है।छत्तीसगढ़ स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक एवं कर्मचारी संघ को पूर्ण विश्वास है कि शासन स्तर पर शीघ्र ही संविदा शिक्षकों एवं कर्मचारियों के हित में ठोस, न्यायसंगत एवं व्यावहारिक निर्णय लिए जाएंगे। संघ अपने सदस्यों के अधिकारों, सम्मान एवं भविष्य की सुरक्षा हेतु सदैव संगठित, लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से संघर्ष करता रहेगा। संघ एवं पीएम श्री सेजेश कोतबा दल की ओर से मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अपेक्षा की गई है कि संविदा शिक्षकों एवं कर्मचारियों की वर्षों से लंबित समस्याओं का स्थायी समाधान शीघ्र सुनिश्चित किया जाएगा।
