बीजापुर, 24 जनवरी (दुर्ग भिलाई अपडेट)। जिले के नैमेड़ थाना क्षेत्र के मूसालूर जंगल में मिले एक व्यक्ति के शव के मामले में पुलिस ने हत्या का खुलासा करते हुए मृतक के सौतेले पुत्र समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि मृतक द्वारा पहली पत्नी को छोड़कर दूसरी महिला को घर लाने की बात से नाराज होकर आरोपियों ने हत्या की साजिश रची थी।
जानकारी के अनुसार 28 नवंबर 2025 को मूसालूर जंगल में एक अज्ञात पुरुष का शव मिलने पर थाना नैमेड़ में मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई। बाद में मृतक की पहचान बदरू उरसा, निवासी नैमेड़ के रूप में हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर और चेहरे पर ठोस वस्तु से चोट लगने के कारण मृत्यु होना पाया गया, जिसके आधार पर थाना नैमेड़ में बीएनएस की धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया।
पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव के मार्गदर्शन में थाना नैमेड़ पुलिस और साइबर सेल बीजापुर ने मोबाइल कॉल डिटेल्स और टावर डंप का विश्लेषण किया। तकनीकी जांच में घटना के दिन मृतक की दूसरी पत्नी माहरी मज्जी, सौतेला बेटा शंकर मज्जी और रमेश मज्जी की लोकेशन घटनास्थल के आसपास पाई गई, साथ ही तीनों के आपसी संपर्क की पुष्टि हुई।
घटना के बाद शंकर मज्जी और रमेश मज्जी के तेलंगाना फरार होने की सूचना मिली, जिस पर पुलिस टीम ने तेलंगाना के जमीकुंटा और चेरूकुरू से दोनों को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने हत्या करना स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि मृतक द्वारा माहरी मज्जी को वर्षों तक पत्नी के रूप में रखने के बाद दूसरी महिला लाने के नाम पर घर से निकाल देने से वे नाराज थे, इसी कारण हत्या की योजना बनाई गई।
आरोप है कि मूसालूर जंगल में मौका पाकर शंकर और रमेश ने लकड़ी के डंडे से हमला कर बदरू उरसा की हत्या की और शव को झाड़ियों में फेंक दिया। मेमोरेंडम कथन के आधार पर घटना में प्रयुक्त डंडा भी बरामद किया गया।
पुलिस ने रमेश मज्जी (45), शंकर मज्जी (35) और माहरी मज्जी उर्फ सोमली (55) तीनों आरोपियों को 23 जनवरी 2026 को गिरफ्तार कर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय, बीजापुर में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
