बीजापुर, 23 जनवरी (दुर्ग भिलाई अपडेट)।
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में नक्सलियों द्वारा जंगलों में बिछाए गए प्रेशर आईईडी एक बार फिर निर्दोष ग्रामीणों के लिए खतरा साबित हो रहे हैं। गुरुवार दोपहर उसूर ब्लॉक के इल्मीडी थाना क्षेत्र अंतर्गत लंकापल्ली गांव के पास जंगल में हुए विस्फोट में एक ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गया, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल व्याप्त है।
जानकारी के अनुसार, घायल ग्रामीण की पहचान राजू मोडियाम, पिता मुन्नी मोडियाम, उम्र करीब 30 वर्ष, निवासी लंकापल्ली के रूप में हुई है। राजू रोजमर्रा की जरूरतों के लिए जंगल से लकड़ी एकत्र करने गया था। इसी दौरान अनजाने में उसका पैर जमीन के भीतर छिपाकर लगाए गए प्रेशर आईईडी पर पड़ गया, जिससे अचानक तेज धमाका हो गया।
विस्फोट के चलते राजू के दाहिने पैर में गंभीर चोट आई और वह मौके पर ही गिर पड़ा। साथ मौजूद अन्य ग्रामीणों ने तत्काल साहस दिखाते हुए घायल को जंगल से बाहर निकाला और नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को नाजुक बताते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल जिला अस्पताल में उसका इलाज जारी है और डॉक्टरों की टीम उसकी हालत पर लगातार नजर बनाए हुए है।
घटना की सूचना मिलते ही इल्मीडी थाना पुलिस और सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे। संभावित खतरे को देखते हुए पूरे क्षेत्र में सघन सर्च अभियान शुरू कर दिया गया है। आशंका जताई जा रही है कि नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से जंगल में प्रेशर आईईडी बिछाए थे, जिसकी चपेट में आम ग्रामीण आ गया।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जंगलों में इस तरह के विस्फोटक लगाए जाने से रोजमर्रा की जिंदगी कठिन होती जा रही है। लकड़ी, तेंदूपत्ता और अन्य वन उपज के लिए जंगल पर निर्भर ग्रामीण हर वक्त जान का जोखिम उठाने को मजबूर हैं। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से ग्रामीणों में डर और असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है।
पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बिना सूचना के जंगलों में न जाएं और किसी भी संदिग्ध वस्तु या हलचल की जानकारी तुरंत सुरक्षा बलों को दें। मामले की जांच जारी है और क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
