कोरबा, 23 जनवरी (दुर्ग भिलाई अपडेट)। कुसमुंडा खदान में ड्यूटी के समय एक मजदूर की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के परिजनों और सहकर्मियों में भारी आक्रोश देखा गया। ठेका कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उन्होंने मुआवजा और एक परिजन को नौकरी देने की मांग को लेकर जीएम कार्यालय के सामने शव रखकर प्रदर्शन किया।
मृतक की पहचान कांशी दास महंत (34 वर्ष) निवासी कठरा बुडग़हन, जिला जांजगीर-चांपा के रूप में हुई है। वह कुसमुंडा थाना क्षेत्र के नरईबोध में अपने परिवार के साथ निवासरत था और रवि एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड (आरईपीएल) नामक ठेका कंपनी में कोल सैंपलिंग का कार्य करता था।
जानकारी के मुताबिक, कांशी दास महंत बुधवार रात नाइट शिफ्ट में कार्यरत था। सुबह शिफ्ट समाप्त होने से पहले उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह कार्यस्थल पर ही बेहोश होकर गिर पड़ा। साथियों द्वारा तत्काल उसे विकासनगर स्थित एसईसीएल डिस्पेंसरी ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उसे रेफर कर दिया गया। इसके बाद कोसाबाड़ी स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही परिजन और सहकर्मी अस्पताल पहुंचे। मेडिकल कॉलेज अस्पताल की मॉर्च्युरी में ठेका कंपनी के कोऑर्डिनेटर से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा एवं एक परिजन को नौकरी देने की मांग की गई, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मजदूरों और ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई।
इसके बाद आक्रोशित मजदूर मृतक का शव लेकर कुसमुंडा स्थित जीएम कार्यालय के मुख्य द्वार पर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान रवि एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के कोऑर्डिनेटर अपने सहयोगियों के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन स्पष्ट आश्वासन नहीं दे पाए, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
