दुर्ग, 22 जनवरी (दुर्ग भिलाई अपडेट)।
जिले के धमधा थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित श्रेया अस्पताल एण्ड डायग्नोस्टिक सेंटर में इलाज के दौरान एक महिला मरीज की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। चिकित्सकीय लापरवाही के आरोप में अस्पताल के प्रबंधक एवं संबंधित डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में इलाज व रेफर प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही सामने आई है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थी चिरज वर्मा ने थाना धमधा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 10 अक्टूबर 2025 की रात लगभग 10 बजे उनकी माता पदमाबाई वर्मा (57 वर्ष) घर के आंगन में गिर गई थीं, जिससे उनके पैर में गंभीर चोट आ गई। चलने-फिरने में असमर्थ होने के कारण 11 अक्टूबर 2025 को उन्हें उपचार हेतु श्रेया अस्पताल, धमधा में भर्ती कराया गया। अस्पताल में 13 अक्टूबर को उनके पैर का ऑपरेशन किया गया।
परिजनों के अनुसार ऑपरेशन के अगले दिन 14 अक्टूबर को मरीज की अचानक हालत बिगड़ गई और सांस तेज चलने लगी। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन द्वारा बिना समुचित परिजनों की सहमति के उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। आरोप है कि रेफर करते समय एम्बुलेंस में न तो पर्याप्त चिकित्सकीय निगरानी थी और न ही किसी डॉक्टर की व्यवस्था की गई थी। मरीज को एम्बुलेंस के माध्यम से शंकराचार्य अस्पताल, जुनवानी ले जाया गया, जहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मामले की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की, जिसमें यह तथ्य सामने आया कि अस्पताल प्रबंधन एवं संबंधित डॉक्टर द्वारा लापरवाही और उपेक्षापूर्ण चिकित्सकीय कार्य किया गया, जिससे मरीज की मौत हुई। जांच के आधार पर थाना धमधा में भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) एवं 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए श्रेया अस्पताल धमधा के प्रबंधक मनीष राजपूत (उम्र 42 वर्ष), निवासी ग्राम भरनी, जिला दुर्ग तथा अस्पताल के डॉक्टर अभिषेक पाण्डेय, निवासी मॉडल भिलाई, चौकी स्मृति नगर, थाना सुपेला को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की विस्तृत विवेचना जारी है और अन्य जिम्मेदारों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
