*अर्जुन झा*
*बकावंड।* ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बकावंड ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार द्वारा राजनीतिक द्वेषपूर्ण चाल के तहत महात्मा गांधी रोजगार गारंटी अधिनियम योजना मनरेगा को निरस्त करने का पुरजोर विरोध किया है। बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल ने कहा है कि मनरेगा को कांग्रेस सरकार ने ग्रामीण गरीबों को रोजगार का कानूनी अधिकार देने और पलायन रोकने के लिए लाया, जिसने करोड़ों परिवारों को सम्मानजनक आजीविका दी। मोदी सरकार ने बीते वर्षों में मनरेगा को कमजोर किया और अब इसके पूरे ढांचे को बदलकर गरीबों के हितों पर हमला किया है।मनरेगा के खात्मे का एक ही मकसद है- गरीबों के रोज़गार के अधिकार को मिटाना, राज्यों से आर्थिक और राजनीतिक शक्ति चुराना और उस पैसे को अरबपति मित्रों को पकड़ाना। श्री बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री की मनमानी का नुकसान पूरा भारत भुगतेगा, रोज़गार खत्म होंगे, ग्रामीण अर्थव्यवस्था टूटेगी और, जब गांव कमजोर होंगे, तो देश कमजोर होगा। मनरेगा ऐसा क्रांतिकारी कदम था, जिसका फायदा करोड़ों ग्रामीण व गरीब परिवारों को मिला। इसने लोगों को रोजगार का कानूनी हक दिया और ग्राम पंचायतों को ताकत मिली। लेकिन मोदी सरकार ने मनरेगा पर बुलडोजर चला दिया है। न सिर्फ महात्मा गांधी का नाम हटाया, बल्कि मनरेगा का स्वरूप मनमाने ढंग से बदल दिया। मोदी सरकार ने इस कानून को कमजोर करके देश के करोड़ों किसानों, श्रमिकों और गरीबों के हितों पर हमला किया है
