*अर्जुन झा*
*जगदलपुर।* 188वीं बटालियन सीआरपीएफ द्वारा वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ का जश्न कमांडेंट भवेश चौधरी के निर्देशन में बस्तर के सूदरवर्ती क्षेत्र रतेंगा मे मनाया गया।
बल की 188वीं बटालियन पुसपाल घाट बस्तर द्वारा रतेंगा हाई स्कूल में बच्चों, अध्यापकों एवं ग्रामीणों के साथ मिलकर वंदे मातरम का सामूहिक गायन कर वंदे मातरम की 150वीं वर्षगाठ का जश्न मनाया गया। वंदे मातरम के सामूहिक गायन अपने आप में रोमांचित कर देने वाला क्षण था। वंदे मातरम गाते समय सभी के रोंगटे खड़े होना अपने आप मे देशप्रेम एंव राष्ट्रीय गौरव को परिलक्षित कर रहा था।

इस अवसर पर सहायक कमांडेंट बन्ना राम ने अपने संबोधन में कहा कि वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं है यह भारत की सामूहिक चेतना है और स्वतंत्रता संग्राम के दौरान स्वतंत्रता सेनानियों का नारा था। भारत के स्वाधीनता संग्राम में इस गीत की निर्णायक भागीदारी रही। वंदे मातरम बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित एक गीत है जिसका प्रकाशन उनके उपन्यास आनंदमठ में अंतर्निहित गीत के रुप मे हुआ। वंदे मातरम का प्रथम बार साहित्यिक प्रकाशन 7 नवंबर 1875 को हुआ था। भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय गीत वंदेमातरम की 150वीं वर्षगांठ को देशभर मे 07 नवंबर 2025 से 07 नवंबर 2026 तक समारोह पूर्वक आयोजित किए जाने का निर्णय लिया है। वंदे मातरम के 150 साल पुरे होने का उत्सव उस गीत को सम्मानित करने के बारे में है जिसने शोषण और क्रूरता के सबसे बुरे दौर में लोगो को एकजुट और प्रेरित किया। इस कार्यक्रम का उद्देश यह है कि देश की युवा पीढ़ी सास्कृतिक राष्ट्रवाद के विचार को
आत्मसात कर पाए।
इस अवसर पर रतेंगा मिडिल एव हाई स्कूल के बच्चे, अध्यापक एव ग्रामीणों के साथ सैकड़ों लोग उपस्थित थे। वंदे मातरम की 150वीं वर्षगाठ के इस आयोजन के लिए सभी ने सीआरपीएफ की सराहना की। सीआरपीएफ की 188वीं बटालियन युवाओं और आमजन में जोश, देशप्रेम एवं जागरुकता फैलाने समय-समय पर इस प्रकार के कार्यक्रम का आयोजन करती आ रही है।
