बिलासपुर।(दुर्ग भिलाई अपडेट): दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे मुख्यालय बिलासपुर में आयोजित ऑफिसर्स स्पोर्ट्स एंड कल्चरल मीट उस समय हड़कंप का कारण बन गया, जब कार्यक्रम में परोसे गए भोजन से बड़ी संख्या में अधिकारी और उनके परिजन फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए। दूषित भोजन के सेवन से करीब 150 लोगों की तबीयत बिगड़ गई, जिनमें से 25 से 30 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
अचानक उल्टी, दस्त और तेज पेट दर्द की शिकायतें सामने आने के बाद बीमार लोगों को आनन-फानन में रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया। गंभीर स्थिति को देखते हुए एक वरिष्ठ अधिकारी को अपोलो अस्पताल रेफर किए जाने की भी जानकारी मिली है। डॉक्टरों की विशेष टीम लगातार मरीजों के इलाज में जुटी हुई है।
यह दो दिवसीय आयोजन 17 और 18 जनवरी 2026 को (SECRSA) द्वारा रेलवे मुख्यालय में आयोजित किया गया था, जिसका समापन रविवार को हुआ। समापन के कुछ घंटों बाद ही कार्यक्रम में शामिल अधिकारी और उनके परिजन बीमार पड़ने लगे। बताया जा रहा है कि नाश्ते की व्यवस्था इंडियन कॉफी हाउस से की गई थी, जबकि भोजन के लिए एक निजी होटल को ऑर्डर दिया गया था। भोजन, ठहरने और अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी रेलवे मुख्यालय ने स्वयं संभाली थी।
सूत्रों के अनुसार कार्यक्रम के लिए लगभग 300 प्लेट भोजन का ऑर्डर दिया गया था, लेकिन रात में केवल करीब 100 लोगों ने ही भोजन किया। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोगों के बीमार पड़ने से भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
इस घटना में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के एसडीजीएम मनोज गुरुमुखी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी प्रभावित हुए हैं। उनके अलावा एपीओ रंजन और एडीआरएम स्तर के अधिकारी भी फूड पॉइजनिंग की चपेट में आने की बात सामने आई है।
तीन सदस्यीय जांच टीम गठित
मामले की गंभीरता को देखते हुए रेल प्रशासन ने तत्काल तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। इसमें सामान्य प्रशासन और मेडिकल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है। जांच टीम पूरे मामले की विस्तृत पड़ताल कर जल्द ही अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
रेलवे अधिकारियों के लिए आयोजित यह प्रतिष्ठित आयोजन अब लापरवाही और अव्यवस्था के चलते फूड पॉइजनिंग कांड में तब्दील हो गया है, जिसने प्रशासन की तैयारियों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
