रायपुर, 16 जनवरी (दुर्ग भिलाई अपडेट)। थाना सिटी कोतवाली पुलिस की सुदृढ़ विवेचना और प्रभावी पैरवी के चलते गांजा तस्करी के एक प्रकरण में न्यायालय ने सख्त निर्णय सुनाया है। माननीय विशेष न्यायालय (एनडीपीएस एक्ट) ने छह आरोपियों को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा एक-एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
यह निर्णय विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) श्रीमती किरण थवाईत द्वारा प्रकरण में प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों और तकनीकी तथ्यों के गहन परीक्षण के बाद पारित किया गया। प्रकरण 7 दिसंबर 2024 का है, जब थाना सिटी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत कालीबाड़ी चौक के समीप पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गणेश बागर्ती, विक्रम शाह और अनिल उर्फ अली झुल्फेकार को दो किलो गांजा एवं एक मोबाइल फोन के साथ गिरफ्तार किया था।
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने गांजा रवि साहू, संजय उर्फ लेण्डी और प्रियवंत कुम्हार से प्राप्त करना स्वीकार किया, जिसके बाद पुलिस ने इन तीनों आरोपियों को भी हिरासत में लिया। सभी के विरुद्ध थाना सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 337/24 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कर विस्तृत जांच की गई।
पुलिस द्वारा मजबूत साक्ष्यों के साथ चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जिस पर सुनवाई उपरांत न्यायालय ने सभी आरोपियों को दोषी पाया। अदालत ने अपराध की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए सभी छह आरोपियों को कठोर दंड से दंडित किया।
दोषसिद्ध आरोपियों में गणेश बागर्ती, विक्रम शाह, अनिल उर्फ अली झुल्फेकार, रवि साहू, संजय उर्फ लेण्डी झुल्फेकर एवं प्रियवंत कुम्हार शामिल हैं। यह फैसला अवैध नशा कारोबार के विरुद्ध पुलिस की सख्त कार्रवाई और न्यायिक कठोरता का स्पष्ट संदेश माना जा रहा है।
