*अर्जुन झा*
*जगदलपुर।* बस्तर में पिछले खरीफ सीजन का लाखों क्विंटल धान सड़ने को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि धान नहीं भाजपा सरकार का पूरा सिस्टम सड़ गया है। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने सवाल उठाया है कि करोड़ों के इस धान घोटाले की साय सरकार जिम्मेदारी लेगी, या फिर चूहों को ही कटघरे में खड़े कर देगी?
प्रदेश कांग्रेस प्रमुख दीपक बैज बुधवार को जगदलपुर के राजीव भवन में पत्रकारों से मुखातिब हुए। उन्होंने कहा कि नियानार में 1 लाख 46 हजार क्विंटल धान पूरी तरह से खराब हो गया है। वहीं बिरिंगपाल में भी लगभग 75 हजार क्विंटल धान पूरी तरह से बर्बाद हो चुका है। इस सरकार की धान खरीदी पर मंशा शुरू से ही गंभीर नहीं रही है। इतना ही नहीं पिछले दो साल का लगभग 1.40 लाख क्विंटल धान पानी में बर्बाद होकर पूरी तरह से खराब हो गया। वहीं शिवनी में 1 लाख क्विंटल से अधिक धान खराब हो गया है।निरीक्षण के दौरान वहां का प्रभारी ही धान संग्रहण केंद्र से भाग गया। कोई जवाब देने वाला नहीं था। खराब धान के ऊपर में अच्छे धान को डाल दिया गया है ताकि किसी को यह न लगे कि यहां धान खराब हुआ है। जब धान को थोड़ा निकाल कर देखा गया तो पूरा धान ही सड़ा हुआ निकला। ये कितना बड़ा भ्रष्टाचार है भाजपा सरकार में। यहां धान नहीं बल्कि भाजपा सरकार का सिस्टम ही सड़ा हुआ है। इसके साथ ही लोकल राईस मिलर्स को धान न देकर बाहरी मिलर्स को धान दिया जा रहा है।कुल मिलाकर 3 लाख 50 हजार क्विंटल धान खराब हो गया है। शासन प्रशासन द्वारा नए बोरों में खराब धान को भरकर राईस मिलरो को डरा धमका कर बेचा जा रहा है। और जो धान को खराब होने बाहर खुला रखा गया है। कुल मिलाकर भारी भ्रष्टाचार हुआ है बड़ा भ्रष्टाचार हुआ है और यही हाल पूरे प्रदेश में है इसका वास्तविक भौतिक सत्यापन होना चाहिए। साथ कांग्रेस पार्टी इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग करती है। इसकी जांच ईडी और सीबीआई को करनी चाहिए ताकि दोषियों को बेनकाब कर कड़ी कार्रवाई की जा सके। दीपक बैज ने कहा पिछले वर्ष के धान का निराकरण सरकार नहीं कर पाई है। धान संग्रहण केंद्रों में पड़े पड़े सड़ रहा है, भीग गया है, चूहे खा रहे हैं, दीमक लग गया है। प्रदेश के अनेक संग्रहण केन्द्रों में सड़े हुये धान का भंडारण दिख जायेगा। धान के खराब होने और सठने के नाम पर पूरे प्रदेश में सुनियोजित भ्रष्टाचार किया जा रहा है। पूरे प्रदेश में 25 लाख 93 हजार 880 विंवटल भान की मिलिंग ही नहीं करवाई गई है. उक्त धान में से 4 लाख 16 हजार 410 क्विटल धान विभिन्न खरीदी केंद्रों में शेष बताया गया है तथा शेष 21 लाख 77 हजार 470 क्विटल धान राज्य सहकारी विपणन संघ के विभिन्न संग्रहण केंद्रों में शेष बताया जा रहा था। अब षडयंत्र पूर्वक धीरे धीरे नष्ट होना बता रहे। सरकार की लापरवाही के चलते बस्तर के विभिन्न धान संग्रहण केन्द्रों में 3 लाख क्विंटल से अधिक धान सड़ गया है। यह केवल लापरवाही या चूक नहीं बल्कि सत्ता के संरक्षण में किया जाने वाला अपराध है। बस्तर जिले के जगदलपुर विकासखंड के नियानार और बिरंगपाल घान संग्रहण केन्द्र में प्रशासन की लापरवाही साफ दिख रही है। धान सड़ चुका है जिसे उडिसा से हमाल बुलाकर ठिकाने लगाया जा रहा है। पूरे प्रदेश में हजारों करोड़ का भ्रष्टाचार यह सरकार धान खरीदी में कर रही है। यह सिर्फ लापरवाही नहीं, यह भाजपा सरकार के निकम्मेपन, भ्रष्ट व्यवस्था और संवेदनहीन शासन की खुली मिसाल है।धान किसानों की मेहनत का फल है, लेकिन प्रदेश में भाजपा सरकार के लिए यह सिर्फ सड़ने वाला स्टॉक बनकर रह गया है। जब किसान खून-पसीना बहाकर धान उगाता है. जब गरीब जनता अनाज के लिए संघर्ष करती है. तब बस्तर के सरकारी गोदाम में रखा गया लाखों विवटल धान सड़कर बर्बाद हो जाता है। यह सरकार सोती रहती है।समर्थन मूल्य में उपार्जित धान की सुरक्षा और रखरखाव का उत्तरदायित्व राज्य सरकार का होता है। राज्य गठन के बाद से आज तक इतनी अव्यवस्था और बदइंतजामी कभी नहीं रही जो इस सरकार की दुर्भावना, उपेक्षा और भ्रष्टाचार से एक हजार 37 करोड़ 55 लाख का नुकसान एक ही साल की खरीदी में हो चुका है। रोज रोज नए नए मामले लगातार उजागर हो रहे हैं। हाल ही में कबीरधाम जिले में चारभाठा और बघर्रा संग्रहण केंद में 7 करोड़ के 26 हजार क्विटल धान गायब होने का मामला सामने आया था। महासमुंद जिले में वर्ष 2014-25 में उपार्जित धान में से 81620 क्विटल धान सुखत और नुकसान लिखकर खत्म कर दिया गया, अपने भ्रष्टाचार को छुपाने सुखती, पक्षी, दीमक से खराब होना बताया जा रहा है। जशपुर जिले में 6 करोड़ 55 लाख की अनियमितता उजागर हुई है। रिकार्ड में 20588 क्विंटल धान गायब है। भाजपा सरकार ने अपने भ्रष्टाचार को अंजाम देने के लिए ही दुर्भावना पूर्वक पूर्ववतीं कांग्रेस के सरकार द्वारा बनाए गए 72 घंटे के भीतर उठाय, शीघ्र परिवहन और मिलिंग के नियम को बदला है। पूरे प्रदेश में धान उपार्जन में हो रहे भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए यह सरकार सोसाइटियों में चुनाव नहीं करा रही है और संघी भाजपायों को भार साधक अधिकारी बना कर घोटालों को अंजाम दे रही है। पूरे भ्रष्टाबार में सरकार में बैठे लोगों की हिस्सेदारी है। इसी लिए यह सरकार न एफ आई आर करवा रही है और न ही किसी से रिकवरी हो रही है।दीपक बैज ने पूछा है कि अब सरकार इसकी जिम्मेदारी लेगी या फिर से चूहे को कठघरे में खड़ा करेगी?
इस दौरान शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य, ग्रामीण अध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ला, पूर्व विधायक रेखचंद जैन, उमाशंकर शुक्ला, वीरेंद्र परिहार, नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी, गौरनाथ नाग, कविता साहू, महामंत्री अभिषेक नायडू, जाहिद हुसैन, अल्ताफ उल्ला खान, ब्लॉक अध्यक्ष बलराम यादव, सूर्यापानी, संतोष सेठिया, भोजराज नाग, महिला कांग्रेस अध्यक्ष लता निषाद, चंपा ठाकुर, युवा कांग्रेस शहर अध्यक्ष निकेत राज झा, ग्रामीण अध्यक्ष अभिषेक डेविड, सहदेव नाग, सुषमा सुता, विजेंद्र ठाकुर, अनुराग महतो, रियाज खान, असीम सुता, नीतीश शर्मा,शादाब अहमद, अनस खान, एस नीला, सोनारू नाग, वैभव नेताम, हेमंत पांडे,रजत जोशी,मोहसिन खान, पूर्णिमा, पिंकी, खीरेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।*
