*अर्जुन झा*
*जगदलपुर।* छत्तीसगढ़ राज्य (क्लासिक) बेंच प्रेस एवं डेडलिफ्ट सब जूनियर, जूनियर, सीनियर एवं मास्टर 1-2-3 महिला एवं पुरुष पावर लिफ्टिंग चैंपियनशिप का आयोजन 30 और 31 जनवरी को पुणे, महाराष्ट्र में किया जाना है। इस प्रतियोगिता के माध्यम से मास्टर पावर लिफ्टिंग नेशनल चैंपियनशिप के लिए खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा। राज्यभर के प्रतिभावान खिलाड़ी इस आयोजन में अपनी ताकत और तकनीक का प्रदर्शन करेंगे।

इससे पहले वर्ष 2025 में श्रीलंका के सिड़वा में आयोजित अंतरराष्ट्रीय बेंच प्रेस एवं डेडलिफ्ट प्रतियोगिता में विजयी खिलाड़ियों को छत्तीसगढ़ के राज्यपाल और विधानसभा अध्यक्ष द्वारा सम्मानित किया गया था। इस सम्मान समारोह में बस्तर जिले की बेटी कुमारी वैष्णवी प्रजापति ने भी सहभागिता की थी, जिन्होंने अपनी मेहनत और अनुशासन के बल पर बेंच प्रेस स्पर्धा में प्रथम स्थान हासिल कर जिले का नाम रोशन किया। वैष्णवी की सफलता के पीछे संघर्ष की एक लंबी कहानी है। उनके पिता संतोष प्रजापति दिव्यांग हैं और आर्थिक रूप से सक्षम नहीं होने के बावजूद उन्होंने अपनी बेटी की खेल प्रतिभा पर भरोसा किया। सीमित संसाधनों के बीच भी उन्होंने वैष्णवी को देश के बाहर खेलने का अवसर दिलाया, जो आज बस्तर के लिए गर्व का विषय बन गया है। यह उपलब्धि केवल एक खिलाड़ी की जीत नहीं, बल्कि उन तमाम प्रतिभाओं का प्रतिनिधित्व करती है, जो संसाधनों के अभाव में आगे नहीं बढ़ पातीं। बस्तर जैसे क्षेत्रों में कई होनहार खिलाड़ी मौजूद हैं, लेकिन आर्थिक कमजोरी और सहयोग के अभाव में वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक नहीं पहुंच पाते। स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक सहयोग की कमी के कारण अनेक प्रतिभावान खिलाड़ी बाहर जाकर प्रतियोगिताओं में भाग नहीं ले पा रहे हैं। यदि ऐसे खिलाड़ियों को समय पर आर्थिक और संस्थागत सहयोग मिले, तो बस्तर के खिलाड़ी देश ही नहीं, विदेशों में भी अपनी पहचान बना सकते हैं। वैष्णवी प्रजापति की सफलता यह संदेश देती है कि सही मार्गदर्शन और सहयोग मिलने पर सीमित साधनों के बीच भी असाधारण प्रतिभाएं उभर सकती हैं। आने वाली राज्य स्तरीय और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से बस्तर के एकबार फिर गौरवान्वित होने की उम्मीद की जा रही है।
