*अर्जुन झा*
*जगदलपुर।* छत्तीसगढ़ में वैध अवैध शराब की नदियां बहने को लेकर अब तक प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस ही सवाल खड़े करती रही है। शराब से माता बहनें परेशान हैं, मगर अब सत्तारूढ़ दल भाजपा के विधायक भी इससे त्रस्त नजर आने लगे हैं। ऐसा ही एक मामला बस्तर जिले के चित्रकोट विधानसभा क्षेत्र से सामने आया है।
चित्रकोट से भाजपा विधायक विनायक गोयल अपने विधानसभा क्षेत्र में अवैध रूप से शराब बिक्री को लेकर खासे परेशान और आक्रोशित हैं। उनके अनुसार पूरे विधानसभा क्षेत्र में अवैध शराब बिक रही है। इस अवैध कृत्य को आबकारी, अधिकारी और क्षेत्र के पुलिस अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है। विधायक श्री गोयल के अनुसार चित्रकोट क्षेत्र में मध्यप्रदेश से तस्करी कर लाई जा रही शराब खुलेआम बेची जा रही है। श्री गोयल अपनी ही सरकार के अधिकारियों से बहुत नाराज हैं। उनका कहना है कि पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारी छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार की छवि धूमिल करने का काम कर रहे हैं। बता दें कि अकेले चित्रकोट विधानसभा क्षेत्र में ही नहीं बल्कि पूरे बस्तर जिले में धड़ल्ले से दूसरे राज्यों की शराब बिक रही है। खासकर ओडिशा और मध्यप्रदेश की शराब की खपत यहां हो रही है। ओड़िशा की सीमा से लगे बकावंड, नगरनार, करपावंड आदि थाना क्षेत्रों में ओड़िशा की शराब खूब बिक रही है। शराब प्रेमियों के मुताबिक ओड़िशा की शराब छत्तीसगढ़ की शराब की अपेक्षा काफी सस्ती और ज्यादा असरकारी होती है। इसीलिए यहां के लोग ओड़िशा की शराब को खूब पसंद करते हैं। वहीं बस्तर, भानपुरी, चित्रकोट, तोकापाल, बास्तानार आदि क्षेत्रों में मध्यप्रदेश की शराब की अच्छी डिमांड है। सूत्र बताते हैं कि मध्यप्रदेश के शराब ठेकेदारों ने छत्तीसगढ़ के कतिपय आबकारी अधिकारियों से सांठगांठ कर रखी है। इन्हीं अधिकारियों के संरक्षण में मध्यप्रदेश के ठेकेदारों ने बस्तर, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, राजनांदगांव, खैरागढ़, मोहला मानपुर, कवर्धा आदि जिलों में अपने एजेंट तैनात कर रखे हैं। इन एजेंटों के जरिए छत्तीसगढ़ में मध्यप्रदेश से शराब की सप्लाई हो रही है और कोचियों के माध्यम से बेची जा रही है। अब देखने वाली बात है कि चित्रकोट के भाजपा विधायक विनायक गोयल की नाराजगी के बाद साय सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है?
