इस्लामाबाद, 11 जनवरी।( दुर्ग भिलाई अपडेट) :पाकिस्तान के सिंध प्रांत से अल्पसंख्यकों पर अत्याचार का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बदीन जिले में जमीन से जुड़े विवाद के चलते एक प्रभावशाली जमींदार ने युवा हिंदू किसान की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक की पहचान कैलाश कोलही के रूप में हुई है। घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है और हिंदू समुदाय में भारी रोष देखा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार आरोपी सरफराज निजामानी ने अपनी जमीन पर झोपड़ी बनाए जाने को लेकर हुए मामूली विवाद में कैलाश को गोली मार दी। हत्या के विरोध में गुस्साए लोगों ने शव के साथ बदीन–हैदराबाद राष्ट्रीय राजमार्ग और बदीन–थार कोयला मार्ग पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। सड़क जाम के चलते सैकड़ों वाहन घंटों से फंसे हुए हैं।
प्रदर्शन में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हैं, जो कड़ाके की ठंड में खुले आसमान के नीचे बैठकर इंसाफ की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि जब तक मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
पाकिस्तान दरावर इत्तेहाद के चेयरमैन और सामाजिक कार्यकर्ता शिवा काच्छी ने सोशल मीडिया पर धरने की तस्वीरें साझा करते हुए इसे ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि दबे-कुचले लोगों के जख्मी जमीर की आवाज है। उनका कहना है कि कैलाश का कसूर सिर्फ इतना था कि वह गरीब और हाशिए पर रहने वाला व्यक्ति था।
बताया गया है कि यह घटना चार दिन पहले पीरू लशारी क्षेत्र के राहो कोलही गांव में हुई थी। उस समय पुलिस ने 24 घंटे में गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस की निष्क्रियता से नाराज लोगों ने आंदोलन और तेज कर दिया है।
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस धरने को अब राजनीतिक और धार्मिक संगठनों का भी समर्थन मिलने लगा है। जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ, जिये सिंध महाज सहित कई संगठनों के नेता प्रदर्शन में शामिल हो चुके हैं। यह मामला एक बार फिर सिंध में हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और सामंती व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
