वाशिंगटन, 10 जनवरी (दुर्ग भिलाई अपडेट)।
ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच अमेरिका से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। वरिष्ठ रिपब्लिकन नेता और अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम के बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। उन्होंने ईरान की मौजूदा स्थिति पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अगर वहां की सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दमन की नीति जारी रखती है, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
फॉक्स न्यूज को दिए साक्षात्कार में लिंडसे ग्राहम ने ईरानी जनता के प्रति समर्थन जताते हुए कहा कि अमेरिका उनके साथ खड़ा है। उन्होंने पूर्व अमेरिकी नीतियों की तुलना करते हुए कहा कि डोनाल्ड ट्रंप का रवैया अलग और कहीं अधिक सख्त है। ग्राहम ने ईरान के शीर्ष नेतृत्व को चेतावनी देते हुए संकेत दिया कि आम नागरिकों के खिलाफ हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप भी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर ईरान को लेकर सख्त टिप्पणी कर चुके हैं। उन्होंने लिखा था कि यदि ईरान में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई होती है, तो अमेरिका हस्तक्षेप के लिए तैयार रहेगा। ट्रंप के इस बयान को अमेरिका की आक्रामक विदेश नीति के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
उधर, ईरान के भीतर हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। बीते 11 दिनों से जारी विरोध प्रदर्शन कई शहरों में फैल चुके हैं और कई जगहों पर हिंसक झड़पों की खबरें सामने आई हैं। हालिया घटनाओं में पुलिसकर्मियों के हताहत होने और दर्जनों लोगों के घायल होने की सूचना है। आंदोलन की मुख्य वजह बढ़ती महंगाई, कमजोर अर्थव्यवस्था और ईरानी मुद्रा रियाल का लगातार गिरता मूल्य बताया जा रहा है।
ईरानी प्रशासन ने हालात पर काबू पाने के लिए आर्थिक सुधारों का आश्वासन दिया है, लेकिन साथ ही हिंसा और तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। मौजूदा हालात को देखते हुए आने वाले दिनों में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
