जांजगीर-चांपा, 10 जनवरी।
अकलतरा पुलिस ने भूमि अधिग्रहण मुआवजा राशि में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने फर्जी आधार कार्ड और दस्तावेजों के जरिए करीब 24 लाख रुपये की मुआवजा राशि का गबन किया था। आरोपी पिछले तीन वर्षों से फरार थे।
पुलिस के अनुसार, प्रकरण की शिकायत योगेन्द्र सिंह चंदेल ने 8 अप्रैल 2023 को दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि तरौद स्थित भूमि के मुआवजे की राशि, जो उनके तथा उनके दिवंगत भाई गिरधर सिंह के नाम पर स्वीकृत थी, उसे फर्जी तरीके से निकाल लिया गया।
ऐसे हुआ फर्जीवाड़ा
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी आधार कार्ड बनवाकर बैंकों में खाते खोले और मुआवजा राशि अपने खातों में ट्रांसफर कर ली। विवेचना के दौरान खाद्य विभाग से आधार संबंधी जानकारी प्राप्त कर दीपक दिवाकर और नरेश रत्नाकर को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में पूरे गिरोह का खुलासा हुआ।
गिरफ्तार आरोपी
परमेश्वर पाटले, पिता दशरथ – निवासी नरियारा, थाना मुलमुला
विश्राम भारद्वाज, पिता भगवानी – निवासी झलमला, थाना मुलमुला
दीपक दिवाकर, पिता राम सिंह – निवासी खम्हारिया, थाना लवन
नरेश रत्नाकर, पिता रामदिन – निवासी खम्हारिया, थाना लवन
शंकर लाल भारद्वाज, पिता गोटी लाल – निवासी कोसिर, थाना पामगढ़
कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से फर्जी आधार कार्ड, दस्तावेज और मोबाइल नंबर जब्त किए हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471 और 34 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया है। प्रकरण विवेचनाधीन है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक भास्कर शर्मा, उनि बी.एल. कोसरिया, म.प्र.आर. स्वाती गिलोरकर, आरक्षक राजाजयप्रकाश रात्रे, गौकरण राय और भूषण राठौर की भूमिका सराहनीय रही।
