बिलासपुर, 9 जनवरी 2026।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर, दुर्ग और राजनांदगांव जिलों के न्यायालयों को आत्मघाती बम हमले की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। धमकी भरे ईमेल सामने आने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए सभी न्यायिक परिसरों की सुरक्षा कड़ी कर दी है।
जानकारी के अनुसार 8 जनवरी की सुबह नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) नेटवर्क पर एक गंभीर अलर्ट मैसेज सामने आया, जिसके बाद देशभर के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में भी सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। इसी क्रम में बिलासपुर, दुर्ग और राजनांदगांव के जिला न्यायालयों को धमकी भरा ईमेल भेजा गया था। ईमेल में दोपहर 2:35 बजे तक कोर्ट परिसर खाली करने की चेतावनी देते हुए आत्मघाती बम हमले की बात कही गई थी। यह मेल कथित तौर पर vikam_rajguru.com आईडी से भेजा गया।
धमकी मिलने के बाद बिलासपुर और रायपुर समेत प्रदेश के सभी जिला न्यायालयों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और साइबर सेल को ईमेल के आईपी एड्रेस व स्रोत का पता लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, मद्रास हाईकोर्ट के एक जज को पूर्व में मिली धमकी के बाद केंद्र सरकार के निर्देश पर यह अलर्ट संदेश एनआईसी नेटवर्क पर प्रसारित किया गया था। इसी के मद्देनजर छत्तीसगढ़ के सभी न्यायालय परिसरों में एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया।
बिलासपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जिला कोर्ट समेत अन्य अदालतों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। कोर्ट के गेट नंबर एक और दो पर पुलिस अधिकारियों और जवानों की ड्यूटी लगाई गई है। कोर्ट परिसर में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सघन जांच-पड़ताल की जा रही है। यहां तक कि जजों के कोर्ट रूम के बाहर भी पुलिस बल तैनात किया गया है।
एसएसपी बिलासपुर रजनेश सिंह ने बताया कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा रही है। यह भी संभावना जताई जा रही है कि यह एक मॉक ड्रिल हो सकती है, ताकि सुरक्षा तैयारियों को परखा जा सके।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं कोई संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि नजर आए, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर लावारिस वस्तुओं को न छुएं और किसी भी संदिग्ध वस्तु की जानकारी तत्काल प्रशासन को दें।
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं और आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी के लिए लगातार जांच की जा रही है।
