*अर्जुन झा*
*दल्ली राजहरा।* डौंडी लोहारा क्षेत्र की कांग्रेस विधायक एवं पूर्व मंत्री अनिला भेंडिया ने छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए रोवर–रेंजर जंबूरी आयोजन में हुए करोड़ों के कथित भ्रष्टाचार पर मुख्यमंत्री की चुप्पी को घेरा है। उन्होंने कहा कि सरकार का ‘सुशासन’ का मुखौटा अब खुद मुख्यमंत्री के हाथों उतरता दिख रहा है। गर्व नहीं, घबराहट का प्रमाण है ट्वीट डिलीट करना।
वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री अनिला भेंडिया ने कहा कि पहले रोवर–रेंजर जंबूरी की मेजबानी मिलने पर मुख्यमंत्री द्वारा सोशल मीडिया पर गर्व जताया गया, लेकिन अचानक उस पोस्ट को डिलीट कर दिया गया। श्रीमती भेंडिया ने सवाल उठाया है कि यदि आयोजन में सब कुछ पारदर्शी और नियमों के तहत था, तो मुख्यमंत्री को ट्वीट डिलीट करने की मजबूरी क्यों पड़ी? यह गर्व नहीं, बल्कि घबराहट का प्रमाण है कि दाल में कुछ काला है।
*बिना टेंडर करोड़ों का खेल*
संगठित भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाते हुए विधायक अनिला भेंडिया ने कहा कि जंबूरी के आयोजन में नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई गई हैं। जब अभी तक टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हुई, तो मैदान पर पंडाल कैसे खड़ा हो गया? बिना किसी वर्क ऑर्डर के एक किराया भंडार वाले को करोड़ों का काम कैसे सौंप दिया गया? श्रीमती भेंडिया ने इसे महज लापरवाही नहीं, बल्कि “संगठित भ्रष्टाचार” करार दिया है। उन्होंने कहा कि भाषणों में पारदर्शिता का ढोल पीटने वाली सरकार के राज में जमीन पर नियमों को कुचला जा रहा है। कार्यक्रम होना चाहिए भ्रष्टाचार नहीं।
डिलीट बटन से सच डिलीट नहीं हो जाता। अनिला भेंडिया ने तंज कसते हुए कहा- मुख्यमंत्री जी समझ लें कि डिलीट बटन दबाने से सच नहीं मिटता। पोस्ट हट सकती है, लेकिन जनता के बीच उठ रहे भ्रष्टाचार के सवाल और उनके जवाब नहीं मिटेंगे।
*जारी करें श्वेत पत्र: अनिला*
कांग्रेस विधायक श्रीमती अनिला भेंडिया ने इस पूरे मामले में सरकार से स्पष्टीकरण और कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा है कि पूरे आयोजन की स्वतंत्र और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, बिना टेंडर और वर्क ऑर्डर के किए गए सभी कार्यों का ब्योरा देते हुए श्वेतपत्र जारी किया जाए, इस धांधली में शामिल जिम्मेदार अधिकारियों और अनुचित लाभ लेने वाले ठेकेदारों पर तत्काल कड़ी कार्रवाई हो।
