*अर्जुन झा*
*जगदलपुर।* केंद्र तथा राज्य सरकारों की दृढ़ इच्छाशक्ति और सुरक्षा बलों के आक्रामक तेवर के चलते बस्तर संभाग में सक्रिय नक्सलियों के हौसले पस्त पड़ गए हैं, नक्सली दलों के बीच भागम भाग की स्थिति बन गई है। बड़ी संख्या में नक्सलियों के मारे जाने और आत्मसमर्पण करने का सिलसिला लगातार जारी है।इसी कड़ी में बस्तर के सुकमा जिले में फिर 26 हार्डकोर सक्रिय नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। इनमें सात महिला नक्सली शामिल हैं।
आत्मसमर्पण करने वाले इन सभी नक्सलियों पर 64 लाख की इनाम राशि घोषित है। इन नक्सलियों ने आज सुकमा एसपी किरण चव्हाण और सीआरपीएफ के अधिकारियों के समक्ष आज आत्मसमर्पण किया।आत्मसमर्पित नक्सली माड़ डिविजन, पीएलजीए और जिले के अलग अलग इलाकों में सक्रिय रहे हैं।सुकमा, उड़ीसा और माड़ क्षेत्र की कई घटनाओं में इनकी संलिप्तता रही है।एसपी किरण चव्हाण ने कहा है कि सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को शासन की पुनर्वास नीति के तहत सभी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। श्री चव्हाण ने बचे हुए नक्सलियों से भी आत्मसमर्पण कर समाज व देश की मुख्यधारा से जुड़ने सरेंडर करने की अपील। उल्लेखनीय है कि बस्तर जिला लगभग पूरी तरह नक्सलमुक्त हो चुका है। अभी नक्सल समस्या से सबसे ज्यादा सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिले प्रभावित हैं। कांकेर और कोंडागांव जिले भी तेजी से नक्सल मुक्त होते जा रहे हैं। टॉप नक्सली कमांडर हिड़मा के मारे जाने और हिड़मा के अनन्य सहयोगी नक्सल लीडर बारसे देवा के सरेंडर करने का बाद बस्तर में नक्सली नेतृत्व होने चुके हैं।
कुछ दिनों पहले hi माओवादी गुरिल्ला लिबरेशन आर्मी से जुड़े वरिष्ठ सदस्य बरसे देवा ने तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक शिवधर रेड्डी के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। बारसे देवा नक्सली संगठन के भीतर सक्रिय भूमिका में था और हथियारों की आपूर्ति सहित कई अहम जिम्मेदारियां संभाल रहा था। आत्म समर्पण के दौरान देवा ने पुलिस को माउंटेन लाइट मशीन गन भी सौंपी है।
बारसे देवा के साथ 40 अन्य नक्सली सदस्यों ने भी आत्मसमर्पण मकिया है।
इसी बीच के सुकमा जिले के किस्टाराम क्षेत्र में मुठभेड़ में 12 नक्सली मारे गए थे। जबकि बीजापुर जिले में इसी दिन दो नक्सली मारे गए थे।
