छत्तीसगढ़ 07-01-2026: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान को बड़ी सफलता मिली है। नगरी एरिया कमेटी की सक्रिय सदस्य एवं गोबरा एलओएस कमांडर के रूप में कार्यरत 5 लाख रुपये की इनामी महिला नक्सली ने माओवादी संगठन छोड़कर आत्मसमर्पण कर दिया है। महिला नक्सली ने मंगलवार को धमतरी एसपी कार्यालय पहुंचकर पुलिस अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण किया।
आत्मसमर्पण करने वाली नक्सली की पहचान भूमिका उर्फ गीता उर्फ लता उर्फ सोमारी (उम्र 37 वर्ष), निवासी पुसनार, थाना गुंगालुर, जिला बीजापुर के रूप में हुई है। उसने पुलिस अधीक्षक धमतरी सूरज सिंह परिहार एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र कुमार पांडेय के समक्ष आत्मसमर्पण किया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति, धमतरी पुलिस द्वारा लगातार चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान, सिविक एक्शन कार्यक्रमों तथा पोस्टर-बैनर के माध्यम से किए गए प्रचार-प्रसार के चलते महिला नक्सली ने मुख्यधारा से जुड़ने का निर्णय लिया। संगठन में लंबे समय तक रहने के कारण दांपत्य और पारिवारिक जीवन से वंचित रहने, आंतरिक भेदभाव और माओवादी विचारधारा से मोहभंग होने की बात भी उसने स्वीकार की है।
भूमिका उर्फ गीता वर्ष 2005 से माओवादी संगठन से जुड़ी थी। प्रारंभिक प्रशिक्षण के बाद वह प्लाटून-01 में सक्रिय रही। इसके बाद ओडिशा राज्य कमेटी, सीनापाली एरिया कमेटी और अंततः गोबरा एलओएस कमांडर के रूप में कार्यरत रही। वर्तमान में वह नगरी एवं सीतानदी एरिया कमेटी के साथ संयुक्त रूप से सक्रिय थी।
पुलिस के अनुसार, वह ओडिशा, बीजापुर, गरियाबंद और धमतरी जिलों में हुई कई नक्सली मुठभेड़ों में शामिल रही है। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।
आत्मसमर्पण के बाद शासन की नीति के तहत उसे तत्काल 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। पुलिस अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि इस आत्मसमर्पण से अन्य भटके हुए नक्सली भी मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित होंगे।
