रायपुर, 05 जनवरी।
छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक भर्ती 2023 को लेकर डीएड अभ्यर्थियों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। नियुक्ति प्रक्रिया में हो रही देरी के विरोध में डीएड अभ्यर्थी पिछले 12 दिनों से रायपुर के तूता धरना स्थल पर आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। कड़ाके की ठंड के बावजूद अभ्यर्थी दिन-रात धरना स्थल पर डटे हैं, जिससे उनकी सेहत पर गंभीर असर पड़ने लगा है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि सहायक शिक्षक के 2300 रिक्त पदों पर नियुक्ति को लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद शासन-प्रशासन द्वारा अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। हाईकोर्ट ने 26 सितंबर 2024 को दो माह के भीतर नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण करने का आदेश दिया था, लेकिन आदेश की समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी छठवें चरण की काउंसलिंग नहीं कराई गई।
डीएड अभ्यर्थी 24 दिसंबर से आमरण अनशन पर बैठे हैं। बड़ी संख्या में महिलाएं और युवतियां भी आंदोलन में शामिल हैं, जो अपने घर-परिवार छोड़कर नौकरी की मांग को लेकर संघर्ष कर रही हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि वर्षों की मेहनत के बाद भी उन्हें उनका अधिकार नहीं मिल पा रहा है।
शनिवार को अनशन के दौरान स्थिति और गंभीर हो गई, जब भूख और कमजोरी के कारण कृष्णा साहू सहित आठ अभ्यर्थी बेहोश होकर गिर पड़े। मौके पर मौजूद साथियों ने तत्काल उन्हें अभनपुर और माना के स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज जारी है।
अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि जब तक 2300 पदों पर तत्काल छठवें चरण की काउंसलिंग कर नियुक्ति नहीं दी जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। वहीं प्रशासन की चुप्पी को लेकर अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
