*अर्जुन झा*
कोंटा;- कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशन में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत सुकमा श्री मुकुन्द ठाकुर ने जनपद पंचायत कोंटा के सभाकक्ष में जनपद स्तरीय विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में शासन की प्रमुख योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर सीईओ जनपद पंचायत कोंटा श्री सुमित कुमार ध्रुव उपस्थित थे।
बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री ठाकुर ने नियद नेल्लानार क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता देते हुए कहा कि सेवा एक्सप्रेस के माध्यम से एनआरएलएम के अंतर्गत प्रतिदिन 20 से अधिक स्व-सहायता समूहों का गठन सुनिश्चित किया जाए, ताकि ग्रामीण महिलाओं को आजीविका से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके।
उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए। अधिकारियों को प्रतिदिन कम से कम 20 आवास पूर्ण कराने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए कहा गया कि पात्र हितग्राहियों को आवास का लाभ मिलना चाहिए। साथ ही नियद नेल्लानार क्षेत्र में संचालित निर्माण कार्यों को मार्च 2026 तक शत-प्रतिशत पूर्ण करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
महात्मा गांधी नरेगा योजना के अंतर्गत सीईओ श्री ठाकुर ने तकनीकी सहायको को नियमित फील्ड विजिट करने तथा प्रतिदिन किए जा रहे कार्यों की ऑनलाइन एवं भौतिक रूप से अद्यतन जानकारी सुनिश्चित करने को कहा। इससे कार्यों की निगरानी मजबूत होगी और मजदूरों को समय पर रोजगार उपलब्ध कराया जा सकेगा।
स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) की समीक्षा के दौरान नियद नेल्लानार क्षेत्र में आवश्यक दस्तावेजों का त्वरित संकलन कर स्वीकृति प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए, ताकि स्वच्छता से जुड़े लक्ष्यों को समय पर प्राप्त किया जा सके।
सीईओ जिला पंचायत श्री मुकुन्द ठाकुर नेकहा कि सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि शासन की मंशा के अनुरूप विकास कार्यों को गति मिल सके।
*सीईओ जिला पंचायत श्री ठाकुर ने शैक्षणिक संस्थानों का किया औचक निरीक्षण*
सीईओ जिला पंचायत ने सोमवार को कन्या आश्रम दरभागुड़ा और शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोंटा का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत श्री ठाकुर ने निर्देश दिए कि सभी शिक्षक अनिवार्य रूप से स्कूल समय पर अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें। विद्यार्थियों के भविष्य को दिशा देने हेतु स्कूलों में नियमित कैरियर मार्गदर्शन कक्षाएं आयोजित की जाएं, जिससे बच्चों को 12वीं के बाद उपलब्ध शैक्षणिक एवं व्यावसायिक विकल्पों की जानकारी समय रहते मिल सके। इसके साथ ही विद्यालयों में सामान्य ज्ञान की कक्षाएं भी नियमित रूप से संचालित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने यह भी कहा कि सभी स्कूलों में विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि शिक्षण कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सके और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।



