रायगढ़ | 05 जनवरी, 2026
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र में पुलिस पर हुए हमले और महिला पुलिसकर्मियों के साथ की गई बदसलूकी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले के मुख्य आरोपी चित्रसेन साव को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस और स्थानीय लोगों के आक्रोश के बीच आरोपी का सार्वजनिक जुलूस निकाला गया।
घटना की पृष्ठभूमि: जनसुनवाई और विरोध प्रदर्शन
यह पूरा विवाद गारे-पेलमा सेक्टर-1 कोयला खदान को लेकर शुरू हुआ था। 8 दिसंबर 2025: धौराभांठा में जनसुनवाई आयोजित हुई।12 दिसंबर 2025: खदान प्रभावित 14 गांवों के ग्रामीणों ने आर्थिक नाकेबंदी कर धरना शुरू किया।27 दिसंबर 2025: जब पुलिस प्रशासन रास्ता खुलवाने पहुंचा, तो प्रदर्शनकारी उग्र हो गए। इस दौरान भीड़ ने पुलिस बल पर हमला कर दिया, जिसमें महिला थाना प्रभारी और महिला आरक्षक के साथ गंभीर बदसलूकी की गई।
आरोपी पर सख्त कार्रवाई की गई:मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिसकर्मियों में भारी आक्रोश देखा गया।
सार्वजनिक जुलूस: आरोपी चित्रसेन साव के चेहरे पर कालिख पोती गई और जूते-चप्पलों की माला पहनाकर शहर के हेमू कालानी चौक से उसका जुलूस निकाला गया।
जश्न का माहौल: आरोपी की गिरफ्तारी पर पुलिस कर्मियों और स्थानीय लोगों ने पटाखे फोड़कर अपना विरोध और खुशी जाहिर की।कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारियां की।तमनार पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं (109, 74, 76, 296 आदि) और आईटी एक्ट की धारा 67(ए) के तहत मामला दर्ज किया है।
अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपी:चित्रसेन साव (मुख्य आरोपी) सहित मंगल राठिया,चिनेश खमारी, प्रेमसिंह राठिया, कीर्ति श्रीवास, वनमाली राठिया पहचान की गयी।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून हाथ में लेने वाले और महिला सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। मामले में अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।


